नीट री-एग्जाम खत्म: पिछली बार से कठिन रहा पेपर, अजमेर में बुर्का विवाद
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नीट री-एग्जाम खत्म: पिछली बार से कठिन रहा पेपर, अजमेर में बुर्का विवाद

NEET-UG Re-Exam 2026: 22.75 लाख छात्रों ने दी परीक्षा। फिजिक्स का पेपर रहा कठिन, अजमेर में बुर्का विवाद और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग।


NEET Re Exam: रविवार (21 जून 2026) को आखिरकार देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET-UG) का दोबारा सफल आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें करीब 22.75 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए। मई में हुए पेपर लीक विवाद के बाद कराई गई इस दोबारा परीक्षा में राष्ट्रीय स्तर पर जहां अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम दिखे, वहीं छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया और कई तरह के नए विवाद भी सामने आए। अजमेर में बुर्का पहनने को लेकर हुआ ड्रेस-कोड विवाद हो या दिल्ली के जंतर-मंतर पर विपक्षी दलों का धरना, नीट परीक्षा को लेकर सियासी और सामाजिक बहस थमती नजर नहीं आ रही है।




छात्रों का फीडबैक: 'NCERT से आई बायो आसान, लेकिन फिजिक्स ने पसीने छुड़ाए'
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, चंडीगढ़ और हैदराबाद समेत देश के प्रमुख शहरों से परीक्षा देकर निकले छात्रों के मुताबिक, इस बार का प्रश्नपत्र मई में रद्द हुए पेपर की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण और लंबा था:

फिजिक्स रही सबसे कठिन: अधिकांश छात्रों ने बताया कि भौतिक विज्ञान (Physics) का सेक्शन बेहद लंबा, थकाऊ और पूरी तरह फॉर्मूला आधारित था, जिसे हल करने में काफी समय लगा।

बायोलॉजी और केमिस्ट्री: जीव विज्ञान (Biology) को बेहद आसान और पूरी तरह NCERT के सिलेबस पर आधारित बताया गया, जबकि रसायन विज्ञान (Chemistry) का स्तर मध्यम (Moderate) रहा।

छात्रों का मानसिक तनाव: परीक्षा केंद्र से बाहर आई एक छात्रा ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, "पेपर लीक के बाद हम मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे। इस एक महीने में दोबारा उस गति और प्रेरणा के साथ पढ़ाई करना बेहद मुश्किल था। हम बस उम्मीद करते हैं कि NTA ने इस बार पूरी पारदर्शिता बरती हो।"

अजमेर में बुर्का विवाद: 'नियम नंबर 8' का दिया हवाला
राजस्थान के अजमेर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परीक्षा केंद्रों के ड्रेस-कोड को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया।

क्या है आरोप: 18 वर्षीय छात्रा कुलसुम बानो ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा केंद्र में बुर्का और दुपट्टा पहनकर प्रवेश करने से रोका गया। छात्रा का दावा है कि जब उसने किसी महिला स्टाफ से सुरक्षा जांच (Frisking) कराने की मांग की, तो उसे भी खारिज कर दिया गया।

छात्रा का पलटवार: कुलसुम ने नाराजगी जताते हुए कहा, "NTA के नियम नंबर 8 में साफ लिखा है कि हमें धार्मिक पोशाक पहनने की अनुमति है, फिर केंद्र पर हमें क्यों प्रताड़ित किया गया? यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।" हालांकि, बाद में पुलिस और प्रशासन के दखल के बाद इस भ्रम को दूर कर छात्रा को प्रवेश दे दिया गया था।

जंतर-मंतर पर 'सिट-इन' प्रदर्शन और कोटा में राहुल गांधी की हुंकार
एक तरफ छात्र परीक्षा दे रहे थे, तो दूसरी तरफ राजधानी दिल्ली और राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर रही:

जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। शनिवार रात भर धरना देने के बाद दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने परीक्षा देकर आ रहे छात्रों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

पीएम मोदी की संवेदनशीलता: परीक्षा के दिन छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता से दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद करीब 45 मिनट तक वहीं इंतजार किया, ताकि उनके वीवीआईपी काफिले के कारण परीक्षार्थियों को ट्रैफिक जाम का सामना न करना पड़े।

कोटा में 'छात्रों की गूंज': नीट के इस पूरे विवाद को लेकर कांग्रेस भी फ्रंटफुट पर है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही राजस्थान के कोटा में "छात्रों की गूंज" रैली को संबोधित करने वाले हैं, जिससे यह साफ है कि परीक्षा खत्म होने के बाद भी संसद से लेकर सड़क तक यह मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है।


(ऊपर दिया गया कंटेंट एक फाइन-ट्यून्ड AI मॉडल का इस्तेमाल करके वीडियो से ट्रांसक्राइब किया गया है। एक्यूरेसी, क्वालिटी और एडिटोरियल इंटीग्रिटी पक्का करने के लिए, हम ह्यूमन-इन-द-लूप (HITL) प्रोसेस का इस्तेमाल करते हैं। AI शुरुआती ड्राफ्ट बनाने में मदद करता है, जबकि हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम पब्लिकेशन से पहले कंटेंट को ध्यान से रिव्यू, एडिट और बेहतर बनाती है। द फेडरल में, हम भरोसेमंद और इनसाइटफुल जर्नलिज़्म देने के लिए AI की एफिशिएंसी को ह्यूमन एडिटर्स की एक्सपर्टीज़ के साथ मिलाते हैं।)


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