8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, ₹69,000 न्यूनतम वेतन और 600 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव
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8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, ₹69,000 न्यूनतम वेतन और 600 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव

नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग को अपना विस्तृत मेमोरेंडम सौंप दिया है। इसमें न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की गई है।


देशभर के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की सुगबुगाहट के बीच नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने अपना विस्तृत मांग पत्र (मेमोरेंडम) सरकार और वेतन आयोग को सौंप दिया है। इस मेमोरेंडम में सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों और छुट्टियों के नियमों में ऐसे बदलावों का प्रस्ताव है, जो यदि लागू होते हैं, तो कर्मचारियों के जीवन स्तर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं।

न्यूनतम वेतन में रिकॉर्ड वृद्धि का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम वेतन को लेकर है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम वेतन ₹18,000 है, जिसे बढ़ाकर सीधे ₹69,000 प्रति माह करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, हर साल वेतन में 6% की वार्षिक वृद्धि और प्रमोशन के समय कम से कम ₹10,000 की बढ़ोत्तरी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। संगठनों ने यह भी साफ किया है कि कर्मचारियों को कम से कम 30 दिन का बोनस गारंटी के साथ मिलना चाहिए।

छुट्टियों के नियमों में बड़े बदलाव

NC-JCM ने कर्मचारियों की सामाजिक और पारिवारिक जरूरतों को देखते हुए छुट्टियों के नियमों को उदार बनाने का सुझाव दिया है।

मैटरनिटी लीव: इसे 180 दिन से बढ़ाकर 240 दिन करने का प्रस्ताव है।

पैटरनिटी लीव: पिता बनने वाले कर्मचारियों के लिए 45 दिन की छुट्टी की मांग की गई है।

लीव इनकैशमेंट: सबसे बड़ा बदलाव छुट्टियों को कैश में बदलने (Encashment) को लेकर है। प्रस्ताव में 600 दिन तक के लीव इनकैशमेंट की सुविधा और 20 साल की सर्विस के बाद 50% इनकैशमेंट का अधिकार देने की बात कही गई है।

पैरेंट केयर लीव: बुजुर्ग माता-पिता की सेवा के लिए 60 दिन की विशेष छुट्टी का प्रावधान भी मेमोरेंडम का हिस्सा है।

शिक्षा और भत्तों पर विशेष ध्यान

महंगाई के दौर में बच्चों की पढ़ाई का खर्च कर्मचारियों के लिए बड़ी चिंता होती है। इसे देखते हुए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस (CEA) को ₹10,000 प्रति माह प्रति बच्चा करने और इसे पोस्ट ग्रेजुएशन तक अनिवार्य करने की मांग की गई है। हॉस्टल सब्सिडी को भी ₹35,000 प्रति माह तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

भत्तों (Allowances) के मामले में संगठन का कहना है कि इन्हें तीन गुना किया जाए और सीधे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ा जाए। रिस्क अलाउंस ₹10,000 प्रति माह करने और सभी कर्मचारियों के लिए ड्रेस अलाउंस लागू करने जैसे प्रस्ताव भी दिए गए हैं।

सैलरी स्ट्रक्चर और फिटमेंट फैक्टर

8वें वेतन आयोग में नई सैलरी तय करने के लिए 'फिटमेंट फैक्टर' सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। NC-JCM ने इसे 3.83 रखने की मांग की है। इसके साथ ही पे-लेवल्स को मर्ज (Merge) और अपग्रेड करने का सुझाव दिया गया है ताकि वेतन विसंगतियों को दूर कर सैलरी स्ट्रक्चर को और अधिक संतुलित बनाया जा सके।

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