CJP का 7 दिन का अल्टीमेटम; शिक्षा मंत्री नहीं हटे तो बढ़ेगा बवाल
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CJP का 7 दिन का अल्टीमेटम; शिक्षा मंत्री नहीं हटे तो बढ़ेगा बवाल

जंतर-मंतर धरने के बाद महाराष्ट्र लौटे अभिजीत दिपके; घर के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा। आज इंस्टाग्राम लाइव के जरिए देशव्यापी आंदोलन के एक्शन प्लान का करेंगे एलान।


CJP Roadmap : नीट परीक्षा (NEET-UG) पेपर लीक मामले और सीबीएसई (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार को खुली चेतावनी दे दी है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को हुए बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व नाम औरंगाबाद) स्थित अपने गृह नगर पहुंचे दिपके ने साफ किया कि यदि अगले 7 दिनों के भीतर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया नहीं गया या उन्होंने खुद इस्तीफा नहीं दिया, तो इस आंदोलन को और उग्र तथा देशव्यापी किया जाएगा.


अमेरिका से लौटकर सीधे धरने में शामिल होने वाले अभिजीत दिपके ने शनिवार के प्रदर्शन को ऐतिहासिक और पूरी तरह सफल बताया. उन्होंने कहा कि इस शांतिपूर्ण आंदोलन ने सरकार को यह 'ट्रेलर' दिखा दिया है कि जब देश का युवा और छात्र एकजुट होते हैं, तो वे क्या कुछ कर सकते हैं. CJP अब दिल्ली से बाहर निकलकर इस अभियान को देश के अन्य राज्यों में ले जाने के लिए एक मजबूत रोडमैप और एक्शन प्लान तैयार कर रही है, जिसका खाका जल्द ही सामने रखा जाएगा.

जंतर-मंतर पर जुटे थे 7 हजार समर्थक; पहली बार प्रदर्शनों में शामिल हुए युवा
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट साझा करते हुए आंदोलन की सफलता और इसके सामाजिक प्रभाव का ब्यौरा दिया:


भारी संख्या बल: भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद जंतर-मंतर पर आयोजित इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में लगभग 6,000 से 7,000 युवाओं, छात्रों और बच्चों ने हिस्सा लिया.

नया वोटर बेस: दिपके ने दावा किया कि शनिवार को आंदोलन में शामिल होने वाले अधिकांश लोग ऐसे थे, जिन्होंने अपने जीवन में पहले कभी किसी राजनैतिक या सामाजिक विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लिया था. शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का गुस्सा उन्हें सड़क पर खींच लाया.

साप्ताहिक प्रदर्शन की रणनीति: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP अब हर हफ्ते इस तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बना रही है, जो तब तक जारी रहेंगे जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त नहीं कर देते.

महाराष्ट्र लौटते ही अभिजीत के घर के बाहर सुरक्षा सख्त; तैनात किए गए 15 जवान
रविवार सुबह जब अभिजीत दिपके छत्रपति संभाजीनगर के एमआईडीसी वालुज इलाके में स्थित अपने आवास पर पहुंचे, तो परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया. इस बीच, आंदोलन के बढ़ते प्रभाव और संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है:

सुरक्षा घेरा बढ़ा: एमआईडीसी वालुज पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के मुताबिक, अभिजीत के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले और कड़ा कर दिया गया है.

जवानों की संख्या में इजाफा: पहले उनके घर पर 11 पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन रविवार से इस संख्या को बढ़ाकर 15 कर दिया गया है. इसमें स्थानीय पुलिस स्टेशन के साथ-साथ सिटी पुलिस मुख्यालय के सुरक्षा बल को भी शामिल किया गया है.

आज शाम 'इंस्टाग्राम लाइव' पर खुलेगा आगे का रोडमैप
नीट, सीबीएसई, सीयूएटी (CUET) और एसएससी (SSC) जैसी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग करने वाला यह युवा-संचालित डिजिटल आंदोलन अब जमीन पर पूरी तरह संगठित होने जा रहा है. अभिजीत दिपके ने एलान किया है कि वे आज (रविवार) शाम को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाइव (Instagram Live) आकर देश भर के समर्थकों को संबोधित करेंगे और धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ इस लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के पूरे एक्शन प्लान की घोषणा करेंगे.


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