
'अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, कभी-कभी मदद कर देते हैं', संसद में ऐसा क्यों बोले PM मोदी, जानिए इसके पीछे की कहानी?
संसद के भीतर चल रही इस गर्मागर्म बहस के बीच पीएम मोदी ने एक हल्का-फुल्का पल भी साझा किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा, "अखिलेश जी मेरे दोस्त हैं, इसलिए कभी-कभी वे मेरी मदद कर देते हैं।
लोकसभा में गुरुवार का दिन ऐतिहासिक चर्चाओं और कुछ दिलचस्प वाक्यों का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को प्रभावी बनाने के लिए लाए गए नए विधेयकों पर अपनी बात रखी। इस दौरान पीएम ने न केवल विपक्ष के सवालों का जवाब दिया, बल्कि अपने जीवन और संविधान की सर्वोच्चता पर भी चर्चा की। इसी बीच बीच पीएम मोदी ने एक हल्का-फुल्का पल भी साझा किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा, "अखिलेश जी मेरे दोस्त हैं, इसलिए कभी-कभी वे समर्थन भी देते हैं।"
धर्मेंद्र यादव को दिया धन्यवाद
चर्चा के दौरान जब समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने पिछड़े वर्गों (BC) की महिलाओं के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण की मांग उठाई, तो प्रधानमंत्री ने बेहद शालीनता से उनका जवाब दिया। पीएम मोदी ने कहा, "मैं धर्मेंद्र यादव जी का धन्यवाद करता हूँ कि उन्होंने देश को मेरे अस्तित्व के बारे में बताया। मैं खुद एक अति पिछड़ा वर्ग (EBC) समुदाय से आता हूँ।"
उन्होंने आगे कहा कि उनकी राजनीति का एकमात्र उद्देश्य सबको साथ लेकर चलना और काम करना है। पीएम ने भावुक स्वर में कहा कि उनके लिए संविधान ही सर्वोच्च है। उन्होंने कहा, "यह हमारे संविधान की ही शक्ति है कि मैं एक अत्यंत पिछड़े समुदाय और एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर आया और देश ने मुझे प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी।"
अखिलेश यादव से 'दोस्ती' का जिक्र
संसद के भीतर चल रही इस गर्मागर्म बहस के बीच पीएम मोदी ने एक हल्का-फुल्का पल भी साझा किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा, "अखिलेश जी मेरे दोस्त हैं, इसलिए कभी-कभी वे समर्थन भी देते हैं।" उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि भले ही वे समाज के सबसे पिछड़े तबके से आते हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी पूरे देश के प्रति है और वे हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
महिला आरक्षण पर विपक्ष को चेतावनी
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के क्रियान्वयन का रास्ता साफ करने के लिए महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। इन विधेयकों का उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जमीन पर उतारना है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष से पुरजोर अपील की कि वे इन विधेयकों को राजनीतिक चश्मा पहनकर न देखें। उन्होंने विपक्षी दलों को याद दिलाया कि अतीत में जिन लोगों ने भी महिला आरक्षण का विरोध किया था, उन्हें चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। पीएम ने कहा कि यह मुद्दा महिलाओं के अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़ा है, इसलिए इस पर राजनीति करना देश के हित में नहीं है।
संविधान और सबका साथ
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर चलती है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कोई चुनावी मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का एक माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद के सभी दल मिलकर इस दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाएंगे।

