अमरनाथ यात्रा पर शाह की हाई-लेवल बैठक; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
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अमरनाथ यात्रा पर शाह की हाई-लेवल बैठक; सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

गृह मंत्री अमित शाह ने NSA डोभाल और आर्मी चीफ संग की सुरक्षा समीक्षा. ड्रोन, CCTV और मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड के साथ अभेद्य सुरक्षा कवच बनाने के दिए निर्देश.


Security For Amarnath Yatra: आगामी 3 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (12 जून) को देश की राजधानी में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-लेवल सिक्योरिटी रिव्यू मीटिंग (उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक) की अध्यक्षता की. इस बैठक में कश्मीर घाटी और यात्रा मार्ग पर आतंकियों के किसी भी नापाक मंसूबे को पूरी तरह नाकाम करने के लिए एक 'अभेद्य सुरक्षा कवच' का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया.


इस हाई-प्रोफाइल बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा, थल सेनाध्यक्ष (आर्मी चीफ), केंद्रीय गृह सचिव, आईबी (IB) चीफ, जम्मू-कश्मीर के डीजीपी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और सीएपीएफ के सभी महानिदेशक (DG) एक साथ शामिल हुए.



चप्पे-चप्पे पर होगी निगरानी: ड्रोन, सीसीटीवी और मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड
गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक के दौरान सभी केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने के कड़े निर्देश दिए. सुरक्षा को आधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए:

आधुनिक सर्विलांस: पूरी यात्रा मार्ग और संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन, हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों और अत्याधुनिक सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा.

मल्टी-लेयर सुरक्षा ग्रिड: जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ (CRPF), बीएसएफ (BSF) और आईटीबीपी (ITBP) के जवान मिलकर यात्रा मार्ग पर एक बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाएंगे, ताकि कोई भी घुसपैठिया या संदिग्ध तत्व यात्रियों के आसपास भी न फटक सके.

यात्री शिविरों के अंदर और बाहर तैनात रहेंगे जवान; स्थानीय लोगों को मिलेगा QR कोड
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनकी सुविधाओं और ठहरने के इंतजामों को लेकर भी गृह मंत्री ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

शिविरों की सुरक्षा: अमरनाथ यात्रियों के रुकने के लिए बनाए गए बेस कैंप और अन्य शिविरों के अंदर व बाहर सीएपीएफ (CAPF) और स्थानीय पुलिस के जवान 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे.

मौसम का पूर्वानुमान: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि पहाड़ी रास्तों पर मौसम लगातार बदलता है, इसलिए मौसम की वास्तविक स्थिति और सटीक पूर्वानुमान को देखकर ही श्रद्धालुओं के जत्थों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी.

QR कोड पहचान पत्र: सुरक्षा को और ज्यादा चाक-चौबंद बनाने के लिए यात्रा से जुड़े सभी स्थानीय सेवादारों, खच्चर संचालकों और उनके पशुओं का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उन्हें QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे.

इसके अलावा, गृह मंत्री ने श्रद्धालुओं के रजिस्ट्रेशन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. यात्रा से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी या रजिस्ट्रेशन के लिए भक्त श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://jksasb.nic.in/ पर जाकर मदद ले सकते हैं.


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