‘गिरगिट जैसी कांग्रेस’, महिला आरक्षण पर मायावती ने सपा पर भी साधा निशाना
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बसपा प्रमुख मायावती। फाइल फोटो।

‘गिरगिट जैसी कांग्रेस’, महिला आरक्षण पर मायावती ने सपा पर भी साधा निशाना

बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को 'गिरगिट' की तरह रंग बदलने वाली पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि इनके सत्ता में रहते हुए दलितों, पिछड़ों, मुस्लिमों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ।


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लखनऊ/नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें आरक्षण और महिला अधिकारों के मुद्दे पर जमकर लताड़ा है। मायावती ने आरोप लगाया कि ये दल जब सत्ता में होते हैं तो SC, ST और OBC वर्गों के संवैधानिक हितों की अनदेखी करते हैं। लेकिन चुनाव नजदीक आते ही वोट बैंक की खातिर बड़ी-बड़ी बातें करने लगते हैं।

कांग्रेस पर 'गिरगिट' जैसा रंग बदलने का आरोप

मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे दावों को 'दिखावा' करार दिया। उन्होंने कांग्रेस की तुलना गिरगिट से करते हुए कहा कि जब यह पार्टी केंद्र की सत्ता में लंबे समय तक काबिज थी, तब उसने कभी भी SC, ST और OBC वर्गों का आरक्षण कोटा पूरा करने की गंभीर कोशिश नहीं की। मायावती के अनुसार, कांग्रेस ने हमेशा इन वर्गों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया है और आज वही पार्टी इन वर्गों के हक की बात कर अपनी राजनीति चमकाना चाहती है।



मंडल कमीशन और वी.पी. सिंह सरकार का संदर्भ

इतिहास के पन्नों को पलटते हुए बसपा प्रमुख ने मंडल कमीशन का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण को कांग्रेस ने लागू करने में कोई रुचि नहीं दिखाई थी। मायावती ने जोर देकर कहा:

"यह बसपा की मेहनत और निरंतर दबाव का ही परिणाम था कि तत्कालीन वी.पी. सिंह सरकार ने इसे लागू करने का फैसला लिया। जो कार्य कांग्रेस दशकों तक नहीं कर पाई, उसे बसपा ने संघर्ष के बल पर संभव करवाया।"

समाजवादी पार्टी पर 'दोहरे चरित्र' का प्रहार

कांग्रेस के साथ-साथ मायावती के निशाने पर समाजवादी पार्टी भी रही। उन्होंने 1994 के एक पुराने घटनाक्रम को याद दिलाते हुए कहा कि जब पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का लाभ देने की रिपोर्ट सामने आई थी, तब तत्कालीन सपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

मायावती ने तंज कसते हुए कहा...

सपा का दोहरा रवैया: जब सपा सत्ता में होती है, तो पिछड़ों के हक भूल जाती है।

बसपा की कार्रवाई: 1995 में जब बसपा की सरकार बनी, तो पिछड़े मुस्लिमों को आरक्षण देने के फैसले को तुरंत प्रभावी बनाया गया।

महिला आरक्षण में देरी और जनगणना का मुद्दा

महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर भी मायावती ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसे 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करने का विचार कर रही है, तो इसमें तत्परता दिखानी चाहिए। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि यदि आज कांग्रेस सत्ता में होती तो वह भी भाजपा की तरह ही ढुलमुल रवैया अपनाती, क्योंकि इन बड़ी पार्टियों के लिए वंचित वर्गों का कल्याण कभी प्राथमिकता नहीं रहा।

जनता को 'सावधान' रहने की अपील

मायावती ने अपने समाज को जागरूक करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियों का रवैया सत्ता में रहते हुए जातिवादी और तिरस्कारपूर्ण होता है, लेकिन चुनाव के समय ये 'छलावा' करने लगते हैं। उन्होंने दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज से इन 'दोहरे चरित्र' वाली पार्टियों के बहकावे में न आने की अपील की।

अपने संबोधन के अंत में मायावती ने एक महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल जो लाभ मिल रहे हैं उन्हें स्वीकार किया जाए। लेकिन असली मजबूती तभी आएगी जब यह समाज राजनीतिक और सामाजिक रूप से खुद आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दलित और पिछड़े वर्गों का सशक्तिकरण ही वर्तमान समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान है।

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