NEET-UG 2026 लीक कांड में बड़ा मोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
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NEET-UG 2026 लीक कांड में बड़ा मोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया, जो NTA परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा था।


NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले के कथित मास्टरमाइंड और मुख्य सरगना पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद जांच में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिसने देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पी.वी. कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है और वर्तमान में पुणे में केमिस्ट्री के लेक्चरर के रूप में कार्यरत था। जांच एजेंसी का कहना है कि कुलकर्णी का संबंध सीधे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से था। यही कारण था कि उसे NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। इसी विशेष पहुंच का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर पेपर लीक की पूरी साजिश को अंजाम दिया।

सीबीआई को लंबे समय से इस मामले में ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, जो परीक्षा से जुड़ी आंतरिक जानकारी रखता हो और प्रश्नपत्रों तक पहुंच बना सकता हो। जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और संदिग्ध संपर्कों की जांच की गई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पी.वी. कुलकर्णी का नाम सामने आया। इसके बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी की और आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में यह भी सामने आया है कि कुलकर्णी अकेले काम नहीं कर रहा था। सीबीआई को शक है कि उसके साथ एक संगठित नेटवर्क जुड़ा हुआ था, जिसमें कुछ एजेंट, बिचौलिए और अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक के बदले कितनी रकम वसूली गई और किन-किन छात्रों या संस्थानों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए गए।

सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ने परीक्षा प्रणाली में अपनी भूमिका और तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचाई। इससे परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर असर पड़ा। जांच एजेंसी अब इस मामले में NTA की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा संचालन प्रक्रिया की भी गहराई से जांच कर रही है।

इस मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लाखों छात्र सालों की मेहनत और तैयारी के बाद NEET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं। कई छात्र संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सरकार और जांच एजेंसियों ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। सीबीआई अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र लीक की योजना कब बनाई गई, इसमें कौन-कौन शामिल थे और इसका नेटवर्क कितना बड़ा था।फिलहाल, पी.वी. कुलकर्णी की गिरफ्तारी को इस मामले में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। हालांकि, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस केस में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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