जंतर-मंतर पर CJP के धरने को मंजूरी! सरकार भी मापेगी संख्या बल
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जंतर-मंतर पर CJP के धरने को मंजूरी! सरकार भी मापेगी 'संख्या बल'

सूत्रों के अनुसार दिपके के भारत लौटते ही जैसे ही औपचारिकता पूरी होगी दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति देगी; सोशल मीडिया के 'लाखों फॉलोअर्स' बनाम जमीनी भीड़ के अनुपात पर टिकीं खुफिया एजेंसियों की नजरें।


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CJP Protest : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और NEET पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने का मन बना लिया है. पहले राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर यह कयास लगाए जा रहे थे कि केंद्र सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर धरने की इजाजत नहीं देगी, लेकिन सूत्रों के मुताबिक असल कहानी कुछ और ही है.


सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार और खुफिया एजेंसियां इस धरने-प्रदर्शन को रोकने के बजाय इसके माध्यम से CJP के संगठन और उसके पीछे खड़े समर्थकों के वास्तविक 'संख्या बल' का जायजा लेना चाहती हैं. पिछले एक महीने में जिस तरह से इस पॉलिटिकल सटायर संगठन ने सोशल मीडिया पर लाखों की संख्या में फॉलोअर्स बटोरे हैं, सरकार यह देखना चाहती है कि क्या वर्चुअल दुनिया की यह लोकप्रियता जमीनी हकीकत में भी तब्दील होती है? क्या सोशल मीडिया के अनुपात में ही देश का युवा इस आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरता है, या यह सिर्फ एक डिजिटल ट्रेंड है? यही वजह है कि शनिवार को होने वाले इस धरने पर सबकी नजरें टिकी हैं कि इसमें कितने लोग शामिल होते हैं.


'भाग्य संविधान के हाथों में' गिरफ्तारी देने को तैयार अभिजीत दिपके आज पहुंच रहे हैं दिल्ली
इस महा-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके शुक्रवार, 5 जून को अमेरिका से भारत के लिए रवाना हो चुके हैं और शनिवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं. भारत के लिए उड़ान भरने से पहले दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "भारत के रास्ते पर... अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़ रहा हूँ। #जयभीम."*

'द फेडरल' से खास बातचीत में दिपके ने साफ किया कि वे आंदोलन को बीच में नहीं छोड़ सकते थे और भारत भूमि पर कदम रखते ही अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहे, तो वे इसके लिए सहर्ष तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने अपने समर्थकों से भावुक अपील की है कि वे उन्हें रिसीव करने दिल्ली एयरपोर्ट पर भीड़ न जुटाएं, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोगों का जो रिस्पॉन्स मिला था, वह कल्पना से परे था. दिपके ने कहा कि यह पूरा आंदोलन पूरी तरह से 'शांति और प्रेम' के साथ जंतर-मंतर पर आगे बढ़ाया जाएगा.

सोनम वांगचुक भी देंगे साथ; छात्रों की आवाज होगी और बुलंद
NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित इस धरने को और ज्यादा धार देने के लिए देश के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता (Climate Activist) सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर CJP के साथ मंच साझा करेंगे.

छात्रों का आक्रोश: नीट परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देश भर के छात्रों में भारी गुस्सा है, जिसे CJP एक बड़े राजनीतिक आंदोलन की शक्ल देने की कोशिश कर रही है.

संगठन की अग्निपरीक्षा
: सोशल मीडिया के दौर में शुरू हुए इस नए संगठन के लिए शनिवार का दिन किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं होगा, जहां इसके दावों और जमीनी पकड़ का वास्तविक आकलन सरकार और विपक्ष दोनों के द्वारा किया जाएगा.


एयरपोर्ट मार्च रद्द, अब पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर जुटेंगे समर्थक; CJP ने कानून व्यवस्था के चलते बदला प्लान

नीट (NEET) पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार, 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बड़े प्रदर्शन से पहले संगठन ने प्रदर्शनकारियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ी गाइडलाइन जारी की है.

CJP ने साफ किया है कि देश भर के नागरिकों और युवाओं से इस आंदोलन को जो अभूतपूर्व और कल्पना से परे समर्थन मिला है, उसे देखते हुए सुरक्षा कारणों से रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है. पहले हजारों समर्थकों के दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) पहुंचने की संभावना थी, लेकिन एक कानून-प्रिय संगठन होने के नाते CJP ने हवाई अड्डे पर भीड़ न जुटाने का फैसला किया है ताकि आम यात्रियों, सुरक्षाकर्मियों और एयरपोर्ट अथॉरिटी को कोई असुविधा न हो.

नया शेड्यूल:

Assembly Point: सभी समर्थकों और युवाओं से अपील की गई है कि वे शनिवार, 6 जून को सुबह ठीक 9:00 बजे 'पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन' पर एकत्र हों.

अभिजीत का रूट: अमेरिका से लौट रहे CJP संस्थापक अभिजीत दिपके एयरपोर्ट से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचेंगे. वहीं से दिल्ली पुलिस के साथ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरने की अंतिम प्रशासनिक अनुमति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

'हाथ में तिरंगा और किताब' - CJP ने जारी किए "क्या करें और क्या न करें"

आंदोलन पूरी तरह अनुशासित, शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में रहे, इसके लिए संगठन ने प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे लोगों के लिए विशेष नियम जारी किए हैं:

क्या करें (DOs):

तिरंगा और किताब लाएं: चूंकि यह आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने और समान अवसर के अधिकार को लेकर है, इसलिए सभी प्रदर्शनकारी अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और कोई भी एक किताब जरूर लेकर आएं.

दस्तावेजीकरण : पूरे विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी और शांति के साथ वीडियो या फोटो के जरिए रिकॉर्डिंग करें.

मौसम की तैयारी: दिल्ली की भीषण गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी साथ रखें, खुद को हाइड्रेटेड रखें और अपनी सेहत व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें.

पुलिस को दें सूचना: यदि धरने के दौरान कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गलत व्यवहार करने वाला दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना वहां तैनात पुलिसकर्मियों को दें.

अनुशासन: अपने दोस्तों और अन्य नागरिकों के साथ आएं, लेकिन सार्वजनिक व्यवस्था और अनुशासन का पूरा सम्मान करें.

क्या न करें (DON’Ts):

उकसावे में न आएं: CJP ने विशेष रूप से हिदायत दी है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी सोशल मीडिया ट्रोल, भड़काने वाले तत्वों या आंदोलन को पटरी से उतारने की कोशिश करने वाले लोगों से बिल्कुल न उलझें. हमारी असली

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