OBC आरक्षण से बच रही सरकार? डिंपल यादव के गंभीर आरोप
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OBC आरक्षण से बच रही सरकार? डिंपल यादव के गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जनगणना के बिना यह कदम OBC महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित कर सकता है।


महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस विधेयक पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लोकसभा में कहा कि सरकार महिला आरक्षण को जल्दबाजी में लागू करना चाहती है, जबकि जरूरी जनगणना के आंकड़ों का इंतजार नहीं किया जा रहा है।

डिंपल यादव ने सरकार से पूछा कि जब 2024 में सत्ता में आने के बाद जनगणना तुरंत शुरू नहीं कराई गई, तो अब बिना आंकड़ों के महिला आरक्षण लागू करने की इतनी जल्दी क्यों दिखाई जा रही है। उनका आरोप है कि सरकार जानबूझकर जातिगत जनगणना के आंकड़ों से बच रही है ताकि ओबीसी वर्ग की महिलाओं को आरक्षण से वंचित रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा परिसीमन की प्रक्रिया का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए करना चाहती है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी इसी मुद्दे को उठा चुके हैं। उनका कहना था कि जनगणना के आंकड़े आने के बाद ही ओबीसी और मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने पर विचार किया जाना चाहिए। डिंपल यादव ने उनके इस रुख को आगे बढ़ाते हुए सरकार पर तंज कसा कि पिछले तीन वर्षों में सरकार सिर्फ घरों की गिनती ही कर पाई है, जबकि वास्तविक जनगणना अभी बाकी है।

डिंपल यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक हालात को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के बंद होने, महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दों और कई चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब जमीन पर हालात ऐसे हैं, तो महिलाओं के सशक्तिकरण के दावों पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने उन्नाव और मणिपुर जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा की महिला सांसदों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

इसी बहस के दौरान शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सुझाव दिया कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में से ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि 100 सीटों की जरूरत है तो पुरुष सांसदों को त्याग करना चाहिए।वहीं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जो दल आज महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं, उन्होंने अब तक इसे लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम मौजूदा सरकार ने ही किया है।


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