
राहत: समय से पहले आएगा मानसून! मई के आखिर तक केरल में होगी बारिश
अल-नीनो के कमजोर पड़ने से मानसून की चाल हुई तेज। 25 मई तक केरल में दस्तक दे सकती है झमाझम बारिश। उत्तर भारत में 44 डिग्री के साथ लू का कहर जारी, रहें सावधान।
Weather Forecast : भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के बीच राहत भरी खबर आई है। यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम रेंज वेदर फोरकास्ट्स (ECMWF) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार अपनी तय समय सीमा से पहले दस्तक दे सकता है। अनुमान है कि 15 से 25 मई के बीच मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक पहुँच जाएगा और 25 मई तक केरल के तटों से टकरा सकता है।
क्यों जल्दी आ रहा है मानसून?
वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून के जल्दी आने की मुख्य वजह 'अल नीनो' (El Niño) का कमजोर पड़ना है। वर्तमान में अल नीनो की स्थितियां काफी कम हो गई हैं। इसके साथ ही 'पॉजिटिव ओशन डाइपोल' (IOD) की स्थिति बन रही है, जो मानसून की हवाओं को तेजी से भारत की ओर धकेलने में मदद करती है। यूरोपियन एजेंसी का मानना है कि मई के अंत तक दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में भारी बारिश शुरू हो जाएगी।
IMD का लू और गर्मी को लेकर अलर्ट
भले ही मानसून के जल्दी आने के संकेत मिले हों, लेकिन वर्तमान में उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए लू (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान के श्री गंगानगर में तापमान 44.5 डिग्री तक पहुँच गया है। उत्तर भारत के राज्यों में रात के समय भी लू चलने की संभावना जताई गई है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी चिंताजनक है।
उत्तर भारत में उमस और तपिश का डबल अटैक
आईएमडी के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तापमान 40 से 44 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं तटीय राज्यों जैसे ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में उच्च आर्द्रता (Humidity) की वजह से उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। 27 अप्रैल के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में मामूली गिरावट की उम्मीद है।
सावधानियां और बचाव के उपाय
भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:
दोपहर की धूप: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
पानी का सेवन: प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें।
पहनावा: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के और सूती कपड़े ही पहनें।
विशेष वर्ग: बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें।
खेती-बाड़ी के लिए अच्छे संकेत
मानसून का समय से पहले आना और अल नीनो का प्रभाव कम होना भारतीय कृषि के लिए बेहद सकारात्मक माना जा रहा है। यदि मई के अंत में बारिश शुरू होती है, तो किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त समय और नमी मिल सकेगी। हालांकि, तब तक लू के प्रकोप से बचने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
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