
'लाहौर जाकर करो व्यापार', लेंसकार्ट पर भड़के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री
लेंसकार्ट की कथित पॉलिसी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए बहिष्कार की अपील की।
लेंसकार्ट विवाद पर मशहूर कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने जमकर भड़ास निकाली है। यूपी के प्रयागराज में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि लेंसकार्ट कंपनी अपने कर्मचारियों को तिलक, सिंदूर और मंगलसूत्र जैसे धार्मिक प्रतीक पहनने से रोकती है, ऐसे में बेहतर यह है कि कंपनी अपना कारोबार भारत से समेटे और लाहौर से बिजनेस करे।
प्रयागराज के धार्मिक कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ''आप सब लोगों ने लेंसकार्ट कंपनी का नाम सुना होगा। वो कंपनी अपने कर्मचारियों से कहती है कि हमारे यहां कोई तिलक लगाकर नहीं आ सकता,मंगलसूत्र पहने के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा कर भी नहीं आ सकता, अरे नकटा, तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे मर रहा है।''
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- ''हकीकत में लेंसकार्ट जैसी कंपनियां हिंदू समाज की भावनाओं और विचारधारा दोनों को आहत करती हैं। इनका बहिष्कार होना चाहिए। भारत में इन लोगों को व्यापार करने का अधिकार नहीं है।''
कहां से शुरू हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर कंपनी की कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट की क्लिप वायरल हुई। उस दस्तावेज के आधार पर दावा किया गया कि लेंसकार्ट कंपनी ने कुछ धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा, तिलक और बिंदी पर रोक लगाई है। विवाद जब बहुत अधिक बढ़ा तो लेंसकार्ट के सह संस्थापक पीयूष बंसल ने खुद सफाई दी। उन्होंने कहा कि जो दस्तावेज वायरल हो रहा है वो पुराना और भ्रामक है। कंपनी ने इसे पहले ही हटा दिया।
लेंसकार्ट ने अपनी सफाई में यह भी कहा कि कंपनी किसी भी रूप में किसी भी तरह से धार्मिक भेदभाव नहीं करती है। कंपनी के सभी कर्मचारियों को उनके आस्था के हिसाब से प्रतीकों और पहनावे की आजादी है। लेकिन यह विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने कंपनी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने के साथ बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कुछ संगठनों ने लेंसकार्ट के स्टोर के बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी की थी।

