
अमित शाह को देखकर प्रियंका गांधी ने क्यों कहा ? 'आज चाणक्य होते तो शर्मसार होते'
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने 2023 में महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था और पार्टी आज भी उस मूल भावना के साथ है। हालांकि, मौजूदा संशोधन बिल के जिस स्वरूप में परिसीमन और जनगणना को हथियार बनाया गया है।
Priyanka Gandhi in Lok Sabha: कांग्रेस महासचिव और वायनाड से नवनिर्वाचित सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सरकार की घेराबंदी की। अपने संबोधन में प्रियंका ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन जिस तरह से सरकार परिसीमन (Delimitation) के जरिए इसे उलझा रही है, वह देश के संघीय ढांचे और लोकतंत्र के लिए खतरा है। इसी बीच प्रियंका गांधी ने अपने भाषण के दौरान अमित शाह को देखकर कहा कि "अगर आज चाणक्य (प्राचीन कूटनीतिज्ञ) जीवित होते, तो इस सरकार की चालबाजी और कूटनीति को देखकर शर्मसार हो जाते।"
"महिलाओं को बहकाना आसान नहीं"
प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कसते हुए की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री बार-बार बहकाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें याद रखना चाहिए कि ये कोई भी महिला आपको बता देगी कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं झट से पहचान लेती हैं।" उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब उन्हें सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि उनका 'खेल' पकड़ा जाने वाला है।
ओबीसी अधिकारों और जनगणना पर सवाल
प्रियंका गांधी ने विधेयक की टाइमिंग और मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नई जनगणना कराने से इसलिए घबरा रहे हैं क्योंकि इससे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के वास्तविक आंकड़े सामने आ जाएंगे। प्रियंका ने कहा, "अगर नई जनगणना होगी, तो पता चलेगा कि ओबीसी समाज कितना मजबूत है और उन्हें उनके अनुपात में आरक्षण देना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ओबीसी वर्ग का हक छीनने के लिए 2011 की पुरानी जनगणना का सहारा ले रहे हैं।"
उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार को इतनी जल्दबाजी क्यों है? 2023 के बिल में नई जनगणना की बात थी, लेकिन इस संशोधन विधेयक में उस स्पष्टता का अभाव है, जिससे राजनीति की बू आती है।
परिसीमन: लोकतंत्र पर खुला वार
कांग्रेस सांसद ने परिसीमन के मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ऊपर-ऊपर से ड्राफ्ट देखने में कोई समस्या नहीं लगती, लेकिन इसकी गहराई में जाने पर पता चलता है कि यह सीधे तौर पर प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने की कोशिश है। प्रियंका ने इसे 'लोकतंत्र पर खुला वार' करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह विधेयक इसी स्वरूप में पारित होता है, तो देश में लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
अमित शाह और चाणक्य का जिक्र
सदन में चर्चा के दौरान प्रियंका ने गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने सरकार की रणनीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा, "अगर आज चाणक्य (प्राचीन कूटनीतिज्ञ) जीवित होते, तो इस सरकार की चालबाजी और कूटनीति को देखकर शर्मसार हो जाते।" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह महिला सशक्तिकरण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है और पिछड़े वर्गों के प्रति उसकी कोई सहानुभूति नहीं है।
कांग्रेस का रुख: डटकर करेंगे विरोध
प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने 2023 में महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया था और पार्टी आज भी उस मूल भावना के साथ है। हालांकि, मौजूदा संशोधन बिल के जिस स्वरूप में परिसीमन और जनगणना को हथियार बनाया गया है, कांग्रेस उसके खिलाफ डटकर खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह इन तीनों विधेयकों का सख्त विरोध करती हैं क्योंकि ये महिलाओं और पिछड़ों के साथ धोखा हैं।

