
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने बढ़ाई हलचल, क्या मोदी कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल?
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद मोदी कैबिनेट में फेरबदल और भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की अटकलें तेज हो गई हैं।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह मंजूरी संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत दी गई है।जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। खास बात यह है कि वह मोदी सरकार में ईसाई समुदाय से आने वाले एकमात्र मंत्री थे।
राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद लिया फैसला
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला नहीं किया। इसके बाद से ही उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।अब उनके इस्तीफे ने इन चर्चाओं को और बल दे दिया है कि पार्टी संगठन और सरकार के स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी कर रही है।
कौन हैं जॉर्ज कुरियन?
65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। उनका जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केरल के कोट्टायम जिले में प्राप्त की।राजनीति में सक्रिय होने के साथ-साथ वह सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर चुके हैं। संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद उन्हें 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री बनाया गया था।केरल में भाजपा के विस्तार अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती रही है।
रवनीत सिंह बिट्टू को भी नहीं मिला था मौका
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान दो केंद्रीय मंत्रियों को दोबारा मौका नहीं दिया था। इनमें जॉर्ज कुरियन के अलावा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम भी शामिल है।राजनीतिक हलकों में तब चर्चा थी कि रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है और वे आगामी विधानसभा चुनावों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। वहीं, जॉर्ज कुरियन को संगठन में अहम भूमिका मिलने की संभावना जताई जा रही थी।हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अब तक इन संभावनाओं पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है।
भाजपा संगठन में भी बदलाव की तैयारी
9 जून को भाजपा की एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक भी हुई थी। माना जा रहा है कि पार्टी संगठन में बड़े बदलावों की तैयारी चल रही है।जनवरी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने वाले नितिन नवीन की नई टीम की घोषणा इसी महीने होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार में जिम्मेदारी संभाल रहे कुछ नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण पद दिए जा सकते हैं।हाल के दिनों में भाजपा ने पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा और दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति भी की है, जिसे संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
क्या जल्द होगा मोदी कैबिनेट का विस्तार?
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसमें क्षेत्रीय और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है।
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, रवनीत सिंह बिट्टू को राज्यसभा टिकट न मिलना और संगठन में चल रहे बदलावों को एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये घटनाक्रम आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और भाजपा संगठन में बड़े बदलावों की भूमिका तैयार कर सकते हैं।

