
इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले 'टूट'; AAP और DMK ने बनाई दूरी
8 जून की बैठक में शामिल होंगी 23 पार्टियां; केजरीवाल ने दिल्ली में ममता से की मुलाकात। सोमनाथ भारती और वामदलों ने कांग्रेस पर लगाया पीठ में छुरा घोंपने का आरोप।
INDI Alliance Meet: केंद्र सरकार के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार, 8 जून को बुलाई गई विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक की महाबैठक से पहले ही विपक्ष के कुनबे में बड़ी दरार और 'टूट' सबके सामने आ गई है. दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में होने वाली इस अहम बैठक में जहां कांग्रेस 23 राजनीतिक दलों के शामिल होने का दावा कर रही है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) जैसी बड़ी क्षेत्रीय ताकतों ने बैठक का पूर्ण बहिष्कार कर गठबंधन से दूरी बना ली है.
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए देश भर के क्षेत्रीय दलों को सचेत किया है. भारती ने सोशल मीडिया पर खुलकर कहा कि कांग्रेस अंदरखाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि देश की छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों को पूरी तरह कमजोर किया जा सके और दोनों बड़े दल बारी-बारी से देश पर राज कर सकें. 'आप' ने साफ कर दिया है कि अगर गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस के इसी दोहरे रवैये के हाथ में रहता है, तो वे इससे दूर ही रहेंगे.
'पीठ में छुरा घोंपा, कार्यकर्ताओं का पसीना चुराया' DMK और लेफ्ट ने राहुल गांधी को घेरा
तमिलनाडु और केरल के चुनावी घटनाक्रमों के बाद से ही दक्षिण भारत के दलों में कांग्रेस को लेकर भारी आक्रोश है, जो इस बैठक के बहिष्कार के रूप में सामने आया है:
DMK का कड़ा रुख: तमिलनाडु चुनाव के बाद कांग्रेस के गठबंधन से बाहर होने से नाराज द्रमुक (DMK) ने बैठक में जाने से साफ मना कर दिया है. DMK के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने तीखे शब्दों में कहा, "कांग्रेस पीठ में छुरा घोंपने वाली पार्टी है. उसने हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत और पसीना चुराया और फिर पाला बदल लिया. हम ऐसी किसी जगह नहीं जाएंगे जहां कांग्रेस मौजूद हो, क्योंकि यह हमारे कैडर्स का अपमान होगा."
CPI(M) का राहुल गांधी पर हमला: वामपंथी दल (लेफ्ट) ने केरल चुनाव अभियान के दौरान कांग्रेस द्वारा भाजपा के साथ गुप्त समझौते (डील) वाले बयानों पर स्पष्टीकरण मांगा है. माकपा (CPI(M)) नेता हन्नान मोल्लाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते फ्रंट को साथ रखने की जिम्मेदारी कांग्रेस की थी, लेकिन राहुल गांधी में यह समझदारी नहीं दिख रही है. वे एक जगह माकपा को गाली देते हैं तो दूसरी जगह द्रमुक की बुराई करते हैं. अगर सहयोगियों को ही प्रताड़ित किया जाएगा, तो एकता कैसे बचेगी?'
चुनावी हार के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचीं ममता; केजरीवाल और सोनिया से मुलाकातों का दौर
इन तमाम अंतर्विरोधों के बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दिल्ली के दौरे पर पहुंची हैं. सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने की पुष्टि करते हुए उन्होंने दिल्ली में अपनी राजनैतिक सक्रियता बढ़ा दी है:
केजरीवाल से सीक्रेट मीटिंग: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पहुंचते ही ममता बनर्जी से मुलाकात की है, जिसे 'आप' के बहिष्कार के फैसले के बीच बेहद अहम माना जा रहा है.
सोनिया गांधी से मुलाकात की संभावना: सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष में मची इस रार को शांत करने और गठबंधन के भविष्य को बचाने के लिए ममता बनर्जी कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से भी मुलाकात कर सकती हैं.
क्या है सोमवार की बैठक का एजेंडा?
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश के मुताबिक, सोमवार दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में 23 दल शामिल हो रहे हैं. हालांकि कुछ दलों ने अपने निजी कारणों से आने में असमर्थता जताई है, लेकिन वे सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट हैं.
विपक्ष ने इस बैठक के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को एजेंडे में रखा है:
केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED/CBI) का कथित दुरुपयोग और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना.
देश में बढ़ती महंगाई, घरेलू बजट का बिगड़ना और बेरोजगारी की समस्या.
लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले 'पेपर लीक' के राष्ट्रीय मुद्दे पर घेराबंदी.
विदेश नीति के मोर्चे पर राष्ट्रीय हितों से समझौता और देश का कमजोर होता निवेश का माहौल.
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