यूपी में पारा 47 के पार, केरल में खतरनाक रेडिएशन; IMD की चेतावनी
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यूपी में पारा 47 के पार, केरल में खतरनाक रेडिएशन; IMD की चेतावनी

देश के बड़े हिस्से में हीटवेव का प्रकोप। दिल्ली में 44 डिग्री का अलर्ट। बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड। केरल में खतरनाक UV रेडिएशन और दिमाग खाने वाले अमीबा का खतरा।


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Heat Waves : भारत के एक बड़े हिस्से में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर दक्षिण के तटीय क्षेत्रों तक, पारा सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को अपनी ताजा रिपोर्ट में देश के कई राज्यों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। दिल्ली में जहां शनिवार सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, वहीं उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया है।


उत्तर प्रदेश बना सबसे गर्म राज्य
उत्तर प्रदेश के हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक हैं। बुंदेलखंड इलाके के बांदा जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का देश का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। इसके अलावा प्रयागराज में 45.5 डिग्री और वाराणसी में 45 डिग्री तापमान ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में भी गर्म हवाओं के थपेड़ों (लू) के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

दिल्ली में 44 डिग्री का अनुमान
राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने पिछले दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद सबसे अधिक है। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को यह बढ़कर 44 डिग्री तक पहुँच सकता है। दिल्ली की हवा की गुणवत्ता (AQI) भी 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है, जिससे बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए दोहरी चुनौती पैदा हो गई है।

बिजली की मांग का नया कीर्तिमान
भीषण गर्मी का सीधा असर देश की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) और डेजर्ट कूलर के बेतहाशा इस्तेमाल से शुक्रवार को बिजली की 'पीक डिमांड' 252.07 गीगावाट (GW) तक पहुँच गई। यह भारत के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक मांग है। इससे पहले मई 2024 में यह रिकॉर्ड 250 GW था। बिजली मंत्रालय के अनुसार, मांग में यह उछाल गर्मी के बढ़ते प्रकोप का सीधा नतीजा है।

केरल में जानलेवा बीमारी का अलर्ट
दक्षिण भारतीय राज्य केरल में गर्मी केवल तापमान तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद राज्य में 'अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस' (Amoebic Meningoencephalitis) के खतरे की चेतावनी दी है। इसे 'दिमाग खाने वाला अमीबा' (Brain-eating amoeba) भी कहा जाता है, जो गर्म और ठहरे हुए ताजे पानी में पनपता है। सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे गंदे तालाबों में नहाने या चेहरा धोने से बचें।

UV रेडिएशन का बढ़ता खतरा
केरल के कई जिलों में अल्ट्रावॉयलेट (UV) रेडिएशन का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुँच गया है। कोल्लम, अलाप्पुझा और कोट्टायम जैसे जिलों में UV इंडेक्स 8 के पार दर्ज किया गया है, जो त्वचा के कैंसर और आंखों की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने लोगों को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सीधे धूप के संपर्क में न आने की सख्त हिदायत दी है।

ओडिशा और अन्य राज्यों के हालात
ओडिशा भी लू की चपेट में है, जहाँ 17 स्थानों पर तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। झारसुगुड़ा 44.1 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं पंजाब के फरीदकोट में 45.2 डिग्री और हरियाणा के रोहतक में 44.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। झारखंड के रांची में भी पारा 40.8 डिग्री के पार चला गया है, जिससे वहां के निवासियों को भीषण उमस का सामना करना पड़ रहा है।

पहाड़ों में कब मिलेगी राहत?
गर्मी के इस टॉर्चर के बीच कुछ राहत भरी खबरें भी हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 27 से 30 अप्रैल के बीच बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भविष्यवाणी की है। कश्मीर के जोजिला दर्रे पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे वहां के तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट आई है। झारखंड में भी सोमवार से बारिश होने की उम्मीद जताई गई है।

IMD की स्वास्थ्य गाइडलाइंस
मौसम विभाग ने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:

हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, ओआरएस, या नींबू पानी पीते रहें।

सही पहनावा: बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। सिर को टोपी, छाते या तौलिये से ढककर रखें।

आउटडोर एक्टिविटी: दोपहर के समय भारी शारीरिक काम या एक्सरसाइज करने से बचें।

धूप से बचाव: आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहनें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

सावधानी ही है सबसे बड़ा बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अब हीटवेव पहले के मुकाबले ज्यादा तीव्र और लंबे समय तक चलने वाली हो गई हैं। लू लगने पर सिरदर्द, चक्कर आना, जी मिचलाना और तेज बुखार जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आने वाले कुछ दिनों तक देश के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में राहत मिलने की उम्मीद कम है, इसलिए सावधानी बरतना ही सबसे बेहतर उपाय है।


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