जयराम रमेश का पीएम पर वार, कहा- सरकारी आंकड़ों से कहीं बुरा है आर्थिक हाल
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जयराम रमेश का पीएम पर वार, कहा- सरकारी आंकड़ों से कहीं बुरा है आर्थिक हाल

कांग्रेस महासचिव ने पीएम मोदी की अपील को बताया 'धोखा', कहा- असलियत छिपाने के लिए जनता पर थोपे जा रहे हैं सादगी के नियम।


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Congress On PM Modi's Gold Appeal : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया 'सादगी अपील' को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रमेश ने दावा किया कि देश की आर्थिक स्थिति सरकारी आंकड़ों और दावों से कहीं अधिक गंभीर है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन को आने वाले कड़े और अलोकप्रिय फैसलों की पूर्व संध्या बताया है। जयराम रमेश के अनुसार, सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए अब आम नागरिकों से त्याग की उम्मीद कर रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश में निजी निवेश की कमी और बढ़ती बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए युद्ध का सहारा लिया जा रहा है।



सरकारी दावों की खुली पोल
जयराम रमेश ने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री का अचानक नागरिकों से कम खर्च करने का आग्रह करना इस बात का सबूत है कि आधिकारिक नंबरों में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जो स्थिति पीएम और उनके सहयोगी अब तक पेश कर रहे थे, असलियत उसके ठीक उलट और डरावनी है।

महंगे पेट्रोल-डीजल की तैयारी
कांग्रेस महासचिव ने अंदेशा जताया है कि सरकार जल्द ही ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी जैसे सख्त कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जरिए एक ऐसा माहौल बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में जनता पर थोपे जाने वाले बोझ को आसानी से स्वीकार्य बनाया जा सके।

मजदूरी और कर्ज का संकट
रमेश ने जमीनी हकीकत का जिक्र करते हुए कहा कि देश में वास्तविक मजदूरी स्थिर हो गई है। आम जनता के सिर पर घरेलू कर्ज का बोझ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। उनके अनुसार, मध्यम वर्ग और गरीब परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं, और अब उन्हें और भी दबाया जा रहा है।

निवेश और नौकरियों का अभाव
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के दौरान निजी निवेश में वह तेजी नहीं आई जो रोजगार पैदा कर सके। उन्होंने कहा कि निवेश की कमी के कारण देश का युवा बेरोजगार बैठा है, लेकिन सरकार केवल प्रोपगैंडा और विज्ञापनों के जरिए अपनी छवि चमकाने में लगी रही है।

प्रोपगैंडा का अंत करीब
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि लंबे समय से चल रहे सरकारी प्रचार और जमीनी सच्चाई के बीच की खाई अब बहुत चौड़ी हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब हिसाब देने का समय आ गया है और सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती।

क्या संकट गहरा रहा है?
विपक्ष का मानना है कि प्रधानमंत्री की अपील सिर्फ सोने या यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक गहरे आर्थिक संकट का संकेत है। जयराम रमेश के अनुसार, सरकार के पास अब कोई ठोस समाधान नहीं बचा है, इसलिए वह जनता को 'त्याग' के नाम पर गुमराह कर रही है।


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