मल्लिकार्जुन खरगे की अपील; मोदी सरकार से लड़ने के लिए बढ़ानी होगी एकता
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मल्लिकार्जुन खरगे की अपील; 'मोदी सरकार से लड़ने के लिए बढ़ानी होगी एकता'

INDIA ब्लॉक की बैठक में गरजे कांग्रेस अध्यक्ष; बोले- संविधान पर हमला जारी, सरकारी एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग। पेपर लीक और बेरोजगारी पर घेरा।


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INDI Alliance Meeting: नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक की शुरुआत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी विपक्षी दलों से मतभेदों को भुलाकर एकजुटता मजबूत करने की बड़ी अपील की है। कुछ प्रमुख क्षेत्रीय दलों की बेरुखी और बहिष्कार के बीच, खरगे ने नेताओं को याद दिलाया कि जब विपक्ष एकजुट होता है, तो वह सरकार के मंसूबों को नाकाम कर सकता है।


खरगे ने गठबंधन के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा:

"17 अप्रैल 2026 को हमने लोकसभा में बेहद निर्णायक तरीके से अपनी एकता और एकजुटता का प्रदर्शन किया था, जब हम सभी ने परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण बिलों को हराने के लिए मजबूती से एक साथ खड़े होने का काम किया था। अब हमें उसी भावना को और अधिक मजबूत करना होगा और आगे बढ़ना होगा, ताकि हम मोदी सरकार के 'कुशासन' के कारण देश के सामने आ रही राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकें।"

'संविधान पर हमला जारी, विपक्ष को डराने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल' - खरगे का तीखा प्रहार
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने उद्घाटन भाषण में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर चौतरफा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज को दबाने के गंभीर आरोप लगाए:

वोटिंग अधिकारों पर चोट: खरगे ने मतदाता सूचियों के SIR पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए जानबूझकर लाखों लोगों के मतदान के अधिकार को "छीना" जा रहा है।

संविधान और जांच एजेंसियां: उन्होंने कहा कि देश के संविधान पर हमला लगातार जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED/CBI) का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने और धमकाने के हथकंडे के रूप में किया जा रहा है, जबकि गैर-बीजेपी शासित राज्य सरकारों के साथ खुला भेदभाव हो रहा है।

आर्थिक मोर्चे पर संकट: कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश का आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नए निवेश उस गति से नहीं आ रहे हैं जिससे नए रोजगार पैदा हो सकें। कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और देश के छोटे व लघु उद्योग (MSMEs) गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

लाखों युवाओं के साथ विश्वासघात; बीजेपी शासित राज्यों पर साधा निशाना
देश के सामाजिक ताने-बाने और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए खरगे ने शिक्षा व्यवस्था की विफलता को बैठक का मुख्य एजेंडा बताया:

एग्जाम सिस्टम का कुप्रबंधन: हालिया पेपर लीक और विवादों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि पूरे परीक्षा तंत्र के घोर कुप्रबंधन के कारण देश के लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ सरेआम विश्वासघात किया जा रहा है।

कमजोर वर्गों पर अत्याचार: उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के खिलाफ अत्याचार बेरोकटोक जारी हैं, खासकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित राज्यों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है।

कमजोर विदेश नीति: विदेश नीति के मोर्चे पर बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने भारत के राष्ट्रीय हितों और उन पारंपरिक मूल्यों से पूरी तरह समझौता कर लिया है, जिनका देश लंबे समय से मजबूती से समर्थन करता आया है।

सोमवार दोपहर को शुरू हुई इस बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खरगे और गठबंधन के अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की उम्मीद है, जिसमें आगामी दिनों में सरकार के खिलाफ सड़क से संसद तक चलाए जाने वाले साझा आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।


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