बंगाल चुनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा दांव, ममता के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी बनेंगे बांग्लादेश में उच्चायुक्त
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दिनेश त्रिवेदी 10 साल तक तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे और ममता बनर्जी की बदौलत केंद् में मंत्री भी बने थे (फाइल फोटो)

बंगाल चुनाव के बीच मोदी सरकार का बड़ा दांव, ममता के पूर्व सांसद दिनेश त्रिवेदी बनेंगे बांग्लादेश में उच्चायुक्त

विदेशों में भारत के दूत आमतौर पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) से आते हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि उच्चायुक्त के तौर पर किसी आईएफएस के बजाय एक राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति की जा रही है।


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पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच मोदी सरकार एक बड़ा दांव चल सकती है। कभी तृणमूल कांग्रेस के सांसद रहे और ममता बनर्जी की कृपा से केंद्र सरकार में रेल मंत्री रहे दिनेश त्रिवेदी को मोदी सरकार बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नरेंद्र मोदी सरकार वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त कर सकती है। हालांकि, बांग्लादेश सरकार से औपचारिक सहमति, जो एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है, अभी प्राप्त नहीं हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्रिवेदी भारतीय विदेश सेवा (IFS) के अधिकारी प्रणय वर्मा की जगह ले सकते हैं, जिन्हें यूरोपीय संघ में भारत के राजदूत के रूप में ब्रुसेल्स भेजा जा रहा है।

कौन हैं दिनेश त्रिवेदी?

दिनेश त्रिवेदी का जन्म 4 जून 1950 को हुआ था। वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में रेल मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री रह चुके हैं।

उन्होंने 1980 के दशक में कांग्रेस पार्टी से राजनीति शुरू की और 1990 में जनता दल में शामिल हो गए। 1998 में वे तृणमूल कांग्रेस में गए और 2009 से 2019 के बीच लोकसभा में बैरकपुर सीट का प्रतिनिधित्व किया।

फरवरी 2021 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और मार्च 2021 में बीजेपी में शामिल हो गए।

गैर-IFS नियुक्ति का दुर्लभ मामला

विदेशों में भारत के दूत आमतौर पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) से आते हैं, इसलिए किसी गैर-करियर राजनयिक की नियुक्ति अपेक्षाकृत दुर्लभ मानी जाती है। हालांकि, पहले भी कुछ अपवाद रहे हैं, जैसे 2019 में पूर्व सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग को सेशेल्स में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया था।

तनावपूर्ण संबंधों के बीच नियुक्ति

यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण हैं।

अगस्त 2024 में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नागरिक विद्रोह के बाद ढाका से दिल्ली आने के बाद संबंधों में तनाव बढ़ा था। इसके बाद अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की घटनाओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया।

तनाव का असर क्रिकेट पर भी पड़ा, जब बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया। इसके जवाब में बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए टी20 विश्व कप में खेलने से हटने का फैसला किया।

फिलहाल, दोनों देश संबंधों को सामान्य करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखे हुए हैं।

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