
आज बंद हैं मेडिकल स्टोर? जानिए कहां मिलेंगी जरूरी दवाएं
ऑनलाइन फार्मेसी के विरोध में देशभर के लाखों मेडिकल स्टोर बंद रहे। केमिस्ट्स ने भारी छूट, कमजोर नियम और सुरक्षा जोखिमों पर सवाल उठाए।
देशभर में आज (20 मई) ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा बुलाए गए राष्ट्रव्यापी बंद के चलते लाखों निजी मेडिकल स्टोर बंद रहेंगे। हालांकि शुरुआत में संगठन ने अपने 12.4 लाख से 15 लाख तक पारंपरिक दवा विक्रेताओं और वितरकों से बंद में शामिल होने की अपील की थी, लेकिन महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक समेत 12 बड़े राज्यों के फार्मेसी संगठनों के पीछे हटने के बाद अब लगभग 7 से 8 लाख निजी मेडिकल स्टोर ही बंद रहेंगे।
क्यों बुलाया गया है बंद?
पारंपरिक मेडिकल स्टोर संचालकों ने ऑनलाइन फार्मेसी ऐप्स और कॉर्पोरेट ई-डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ अपनी नाराजगी जताने के लिए यह बंद बुलाया है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन दवा कंपनियां छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं।
मुख्य मांगें और शिकायतें
भारी छूट और अनुचित प्रतिस्पर्धा
पारंपरिक दवा विक्रेताओं का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 60 प्रतिशत तक भारी छूट देकर दवाएं बेच रहे हैं। छोटे मेडिकल स्टोर इतने बड़े डिस्काउंट नहीं दे सकते, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
नियमों में असमानता
प्रदर्शन कर रहे केमिस्ट्स का आरोप है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां महामारी के दौरान बने अस्थायी नियमों का फायदा उठाकर कानूनी अस्पष्टता में काम कर रही हैं। जहां स्थानीय मेडिकल स्टोर्स को लाइसेंसिंग और नियमित निरीक्षण जैसी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी अपेाकृत कम है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरा
AIOCD ने यह भी चिंता जताई है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की जांच प्रक्रिया कमजोर है। संगठन का कहना है कि खासकर युवा वर्ग AI-जनरेटेड या फर्जी पर्चों का इस्तेमाल कर नशीली दवाएं और एंटीबायोटिक्स आसानी से हासिल कर सकते हैं।
आज दवाएं कहां मिलेंगी?
हालांकि कई निजी मेडिकल स्टोर और थोक दवा विक्रेता बंद रहेंगे, लेकिन लोगों को जरूरी दवाएं इन माध्यमों से मिलती रहेंगी:
अस्पतालों की फार्मेसी खुली रहेंगी
सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स की मेडिकल दुकानों को बंद से बाहर रखा गया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए ये सामान्य रूप से काम करेंगी।
जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे
सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर बंद का कोई असर नहीं पड़ेगा और ये सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
ऑनलाइन दवा सेवाएं जारी रहेंगी
ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म सामान्य रूप से काम कर रहे हैं, हालांकि स्थानीय सप्लाई चेन में बदलाव के कारण डिलीवरी में हल्की देरी हो सकती है।
किन राज्यों में बंद का असर कम?
कम से कम 12 राज्यों के रिटेल फार्मेसी संगठनों ने इस बंद से दूरी बनाई है। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, लद्दाख, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, केरल, पश्चिम बंगाल और सिक्किम शामिल हैं।हालांकि इन राज्यों में भी कुछ दुकानें AIOCD के समर्थन में स्वेच्छा से बंद रह सकती हैं।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर?
तेलंगाना
तेलंगाना में बंद का बड़ा असर देखने को मिला है। यहां 25,000 से अधिक मेडिकल स्टोर बंद हैं, जिनमें हैदराबाद की लगभग 12,000 दुकानें शामिल हैं।
तमिलनाडु
तमिलनाडु में करीब 40,000 मेडिकल स्टोर बंद रहने का अनुमान है। हालांकि अपोलो, मेडप्लस, तुलसी फार्मेसी और मुथु फार्मेसी जैसी बड़ी चेन स्टोर्स खुली रहेंगी। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री फार्मेसी, तमिलनाडु कोऑपरेटिव सोसायटी फार्मेसी और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र भी खुले रहेंगे।
कर्नाटक
कर्नाटक में लगभग 26,000 निजी मेडिकल स्टोर बंद हैं। अकेले बेंगलुरु में करीब 6,500 मोहल्ला मेडिकल स्टोर आज बंद रहेंगे।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत
ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और बिहार-झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है।
टकराव की बढ़ती स्थिति
ऑनलाइन फार्मेसी और पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स के बीच यह टकराव पिछले कुछ वर्षों से लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ ग्राहक सस्ती कीमत और घर बैठे डिलीवरी को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं छोटे मेडिकल स्टोर इसे अपने अस्तित्व पर खतरा मान रहे हैं।अब यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार और नियामक एजेंसियां इस विवाद का समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाती हैं।

