शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CJP को बताया देश तोड़ने वालों की B-टीम
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CJP को बताया देश तोड़ने वालों की B-टीम

NEET UG 2026: नीट री-एग्जाम के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा हमला। प्रदर्शनकारियों को बताया B-टीम, कहा- रक्षक ही भक्षक बने लेकिन अब व्यवस्था बदली।


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Dharmendra Pradhan on CJP and NEET: मई में हुए नीट (NEET-UG) पेपर लीक के महा-कलंक को धोने के लिए रविवार को 22 लाख से अधिक छात्रों का री-एग्जाम तो शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, लेकिन इस पर शुरू हुआ सियासी महायुद्ध अब बेहद आक्रामक मोड़ ले चुका है। एक ओर जहाँ शानिवार से दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके समर्थक धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रह कर प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीँ दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में सीधे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को देश तोड़ने वाली ताकतों की बी टीम बताया है। इसके साथ ही उन्होंने व्यवस्था के भीतर बैठे गद्दारों पर भी 'रक्षक ही भक्षक बन गए' कहकर सबसे तीखा हमला बोला है।


"भेष बदलकर पीछे खड़ी है नकारी गई ताकतें" CJP पर बरसे शिक्षा मंत्री
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और इस्तीफे की मांगों पर पलटवार करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस बार रक्षात्मक होने के बजाय सीधे फ्रंटफुट पर आकर हमला बोला:

"ये लोग और कुछ नहीं, बल्कि देश के भीतर अराजकता और अस्थिरता फैलाने वाले तत्वों की B-टीम हैं। जो लोग लोकतंत्र की कसौटी पर जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुके हैं, वे अब इस पूरे विरोध प्रदर्शन के पीछे भेष बदलकर खड़े हो गए हैं। ये वही लोग हैं जो देश को तोड़ने का ख्वाब देखने वालों के पक्ष में नारेबाजी करते हैं। इन सभी चेहरों की पहचान अब पूरी तरह से की जा चुकी है।"

"रक्षक ही भक्षक बन गए" अपनी ही व्यवस्था के गद्दारों पर बोला हमला
शिक्षा मंत्री ने इंटरव्यू में इस बात को भी बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार किया कि पहली परीक्षा (3 मई) के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के भीतर ही कुछ लोगों ने पीठ में छुरा घोंपा था:

शिक्षकों ने तोड़ा भरोसा: धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NTA ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिन शिक्षकों और केंद्र अधीक्षकों पर भरोसा किया था, उन्होंने चंद पैसों और लालच के लिए देश के करोड़ों बच्चों के भविष्य का सौदा कर दिया।

बख्शे नहीं जाएंगे गुनहगार: उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "दुर्भाग्य से कुछ जगहों पर रक्षक ही भक्षक बन गए।" लेकिन सरकार ने अब इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ दिया है और इन अंदरूनी गद्दारों पर ऐसी कार्रवाई की जा रही है जो आगे मिसाल बनेगी।

सीक्रेट ऑपरेशन 'आइसोलेशन': कैसे तैयार हुआ इस बार का अभेद्य पेपर?
21 जून को हुए री-एग्जाम को पूरी तरह फुलप्रूफ और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सरकार ने जो कड़े कदम उठाए, उसकी इनसाइड स्टोरी भी शिक्षा मंत्री ने साझा की:

नो इंटरनेट, पूरी दुनिया से कट-ऑफ: मंत्री ने खुलासा किया कि इस बार पेपर सेट करने वाले सभी विशेषज्ञों और शिक्षकों को कई दिनों तक एक बेहद सीक्रेट जगह पर पूरी तरह बाहरी दुनिया से अलग (आइसोलेशन) कर दिया गया था। इस दौरान उन्हें मोबाइल फोन या इंटरनेट छूने तक की इजाजत नहीं थी।

अंतिम मिनट तक सस्पेंस: प्रश्नपत्र तैयार करने के दायरे को इतना व्यापक बनाया गया कि आखिरी समय तक किसी भी अधिकारी को यह पता नहीं था कि परीक्षा केंद्रों पर खुलने वाला फाइनल क्वेश्चन पेपर का सेट कौन सा होगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी ताकत से दावा किया कि देश के ईमानदार और मेधावी छात्रों का हक इस बार किसी भी कीमत पर मरने नहीं दिया गया है और वे इस परीक्षा में शानदार अंक लाकर अपनी योग्यता साबित करेंगे।


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