भीषण गर्मी से उत्तर भारत बेहाल, अगले कई दिन राहत के आसार नहीं
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उत्तर भारत इस समय गर्मी की चपेट में है। फोटो सौजन्य- PTI

भीषण गर्मी से उत्तर भारत बेहाल, अगले कई दिन राहत के आसार नहीं

दिल्ली समेत उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। कई शहरों में तापमान 47 डिग्री के पार पहुंचा, IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया।


राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को दिल्ली में इस महीने का पहला आधिकारिक ‘हीटवेव’ वाला दिन दर्ज किया गया। तेज धूप, सूखी हवाओं और बढ़ते तापमान ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की चेतावनी देते हुए 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

दिल्ली में 45 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.7 डिग्री अधिक था। यह तापमान पिछले दिन की तुलना में 1.7 डिग्री ज्यादा रहा।पालम मौसम केंद्र पर भी अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक था। वहीं, लोधी रोड केंद्र पर तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा रहा। यहां आधिकारिक तौर पर हीटवेव की स्थिति दर्ज की गई।

दिल्ली के रिज क्षेत्र में सबसे अधिक 46.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा था। पिछले 24 घंटों में यहां तापमान में 1.9 डिग्री की बढ़ोतरी हुई।

IMD का ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने 25 मई तक दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है। बुधवार के लिए न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तर भारत के कई राज्य लू की चपेट में

दिल्ली-एनसीआर के अलावा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों में लू चलने की संभावना जताई है।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मंगलवार को तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने गर्मी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। वहीं, पंजाब के फरीदकोट में तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। हरियाणा के रोहतक में भी अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के कई शहर भी भीषण गर्मी की चपेट में रहे। अमरावती में तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को अधिकतम तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह राज्य का सबसे गर्म स्थान बन गया। श्रीगंगानगर में तापमान 45.9 डिग्री, अलवर में 45.8 डिग्री और पिलानी में 45.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

इसके अलावा फलोदी और चूरू में 44.8 डिग्री, कोटा में 44.4 डिग्री और बीकानेर में 43.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक लू जैसी स्थिति बने रहने का अनुमान जताया है।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

IMD की चेतावनी के बाद कई राज्यों में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग ने दक्षिणी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी बने रहने की संभावना जताई है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

मई-जून में क्यों पड़ती है इतनी गर्मी

भीषण गर्मी और लू का असर अचानक नहीं बढ़ता, बल्कि इसके पीछे खगोलीय, मौसमी और भूगर्भीय कारण जिम्मेदार होते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि मई के अंत और जून की शुरुआत में पृथ्वी और सूर्य की स्थिति में ऐसे बदलाव होते हैं, जो भारत समेत उत्तरी गोलार्ध में तापमान को तेजी से बढ़ा देते हैं।

दरअसल, पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा लगभग 23.5 डिग्री झुकाव के साथ करती है। मई के आखिर और जून की शुरुआत में सूर्य कर्क रेखा (Tropic of Cancer) के ठीक ऊपर पहुंच जाता है। इस समय उत्तरी गोलार्ध, जहां भारत स्थित है, सूर्य की ओर सबसे अधिक झुका होता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान सूर्य की किरणें भारत के मैदानी इलाकों पर लगभग सीधी, यानी 90 डिग्री के करीब पड़ती हैं। इससे जमीन को प्रति वर्ग मीटर अधिक सौर ऊर्जा (Solar Insolation) मिलती है। इसी वजह से दिन लंबे और रातें छोटी हो जाती हैं, जिससे धरती तेजी से गर्म होने लगती है।

NASA और मौसम विभाग (IMD) के अध्ययनों में इस अवधि को प्री-मॉनसून मैक्सीमम हीटिंग पीरियड कहा जाता है। यही वह समय होता है जब उत्तर भारत समेत कई इलाकों में भीषण गर्मी और लू का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है

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