
सेना प्रमुख ने भरी हुंकार, 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' के लिए हमारी तीनों सेनाएं पूरी तरह तैयार!
सेना प्रमुख ने जिस 'ऑपरेशन सिंदूर' के दूसरे वर्जन का जिक्र किया, उसकी पृष्ठभूमि को जानना बेहद जरूरी है। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को एक कायरतापूर्ण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें देश के 26 निर्दोष लोग मारे गए थे।
भारतीय सेना के मुखिया जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को लेकर एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। पुणे के खड़कवासला में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की ऐतिहासिक 150वीं पासिंग आउट परेड की सलामी लेते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी लॉन्चपैड्स को तबाह करने वाला 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल सीमा पर केवल एक संघर्ष विराम जैसी स्थिति है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर देश की संप्रभुता को दोबारा चुनौती दी गई, तो भारत की तीनों सेनाएं 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' को अंजाम देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
एनडीए के जांबाजों के बीच सेना प्रमुख का संबोधन
शनिवार को खड़कवासला के खेतरपाल परेड ग्राउंड में एक अद्भुत नजारा था। रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 355 कैडेट अफसरों की भव्य परेड की सलामी ली। इस शानदार पासिंग आउट परेड में 18 महिला कैडेट्स और 12 मित्र देशों के 24 कैडेट्स भी शामिल थे।
ॉपरेड के दौरान आसमान मेंSu-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर और सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम ने अपनी जांबाज कलाबाजियों से नए सैन्य अधिकारियों का हौसला बढ़ाया। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम के प्रदर्शन ने वहां मौजूद सभी अभिभावकों और दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इस मौके पर देश के नए सैन्य नेतृत्व को संबोधित करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक वैश्विक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत किसी भी दुस्साहस या उकसावे पर किस कड़े ढंग से जवाब देता है। उन्होंने नए कैडेट्स से कहा कि वे अपने करियर की शुरुआत से ही इस मजबूत बेंचमार्क को बनाए रखें।
बदलते दौर की जंग: हर सैनिक के हाथ में हो 'बाज'
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नए अफसरों को आधुनिक युद्ध नीति (Modern Warfare) के कई गुरुमंत्र दिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में जंग पूरी तरह पारदर्शी हो चुकी है। सैटेलाइट्स और अत्याधुनिक कैमरों की वजह से 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की सुरक्षित तैनाती और सीमावर्ती नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है।
जीत के दर्शन को समझाते हुए सेना प्रमुख ने कहा— "जीत हमेशा इंसान के दिमाग में होती है, जमीन पर बाद में दिखती है। इंफॉर्मेशन वॉरफेयर यानी सूचनाओं की लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब देश की जनता अपनी सेना और संस्थाओं पर अटूट भरोसा रखे।"
भविष्य की लड़ाइयों को 'मल्टी डोमेन वॉरफेयर' बताते हुए उन्होंने कहा कि अब युद्ध केवल जमीन, हवा या पानी तक सीमित नहीं रहेंगे। अब अंतरिक्ष (Space), साइबर, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक और कॉग्निटिव (मानसिक) मोर्चों पर एक साथ लड़ना होगा। इसके लिए सेना में ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। अपनी रणनीति 'ईगल ऑन द arm' (हाथ में बाज) का जिक्र करते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि देश के हर सैनिक में अब ड्रोन उड़ाने और उसे ऑपरेट करने की काबिलियत होनी चाहिए, जिसके लिए सैन्य अकादमियों में विशेष ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है।
अगले 2-3 साल में आकार लेगा 'थिएटर कमांड'
भारतीय रक्षा तंत्र में होने वाले सबसे बड़े सुधारात्मक कदम 'थिएटर कमांड व्यवस्था' पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने एक बड़ी अपडेट दी। उन्होंने बताया कि थिएटराइजेशन की अंतिम रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है और अलग-अलग स्तर पर इसका बारीकी से रिव्यू चल रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत तीनों सेनाओं (थल, नभ और जल) के प्रमुख अपने-अपने बलों की आंतरिक तैयारी और संसाधनों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि जो थिएटर कमांडर नियुक्त होंगे, वे सीधे जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन्स की कमान संभालेंगे। सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि अगले 2 से 3 साल में यह आधुनिक व्यवस्था जमीनी स्तर पर काम करना शुरू कर देगी। वर्तमान समय में भारत में तीनों सेनाओं के अलग-अलग कुल 17 कमांड हैं, जो किसी मिशन के दौरान मिलकर तो काम करते हैं, लेकिन उनकी कमान अलग होती है। थिएटर कमांड लागू होने से एक क्षेत्र के लिए एक ही कमांडर होगा, जिससे युद्ध की स्थिति में त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे।
क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर' जिसने बदल दी देश की रक्षा नीति?
सेना प्रमुख ने जिस 'ऑपरेशन सिंदूर' के दूसरे वर्जन का जिक्र किया, उसकी पृष्ठभूमि को जानना बेहद जरूरी है। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को एक कायरतापूर्ण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें देश के 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। इस क्रूर हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने 6 और 7 मई की रात को एक अत्यंत गोपनीय और घातक सर्जिकल स्ट्राइक की योजना बनाई।
भारतीय जवानों ने महज 24 मिनट के भीतर नियंत्रण रेखा (PoK) के पार जाकर आतंकवादियों के 9 प्रमुख लॉन्चपैड्स और ठिकानों को नामोनिशान मिटा दिया। सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी साबित हुआ था कि भारत ने इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर एयरबेस को भी निशाना बनाकर भारी नुकसान पहुँचाया था। इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक और दर्जनों कुख्यात आतंकी मारे गए थे, जिसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी।

