
ऑपरेशन सिंदूर से भारत ने तोड़ा पाकिस्तान का 'परमाणु गुरूर',वाइस एडमिरल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 'परमाणु झांसे' की हवा निकाल दी। यह कहना है वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद का, जो ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर बोले
भविष्य की चुनौतियों पर बात करते हुए वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने कहा कि भारत केवल जवाब नहीं देगा बल्कि शुरुआत से ही युद्ध क्षेत्र की रूपरेखा (बैटल स्पेस) खुद तय करेगा।
वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के हृदय स्थल में स्थित आतंकी केंद्रों पर हमला करके भारत ने प्रभावी ढंग से इस्लामाबाद के परमाणु ब्लैकमेल के झांसे को खत्म कर दिया है।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए, महानिदेशक नौसेना संचालन (DGNO) ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ यह ऑपरेशन भारत के नपे-तुले संकल्प का प्रमाण था। लेकिन अगली प्रतिक्रिया 'निरंतर और भारी बढ़त' (सस्टेंड ओवरमैच) वाली होगी।
प्रमोद ने कहा, "लंबी दूरी के सटीक हथियारों का उपयोग करके पाकिस्तान के भीतरी इलाकों में आतंकी केंद्रों पर हमला कर भारत ने प्रभावी रूप से पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल के झांसे की हवा निकाल दी। हालिया संघर्षों में अनक्रूड (मानवरहित) और स्वायत्त प्रणालियों की बढ़ती प्रासंगिकता ने हमारे परिचालन ढांचे में इनके त्वरित एकीकरण की आवश्यकता को और मजबूत किया है।"
परमाणु झांसे (न्यूक्लियर ब्लफ) के इस कारक को भारत बार-बार दोहराता रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पाकिस्तान को "अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र" बताते हुए कहा था कि भारत परमाणु हमले के "झांसे" में नहीं आया।
7 मई, 2025 को शुरू हुए सैन्य अभियानों में, भारत ने एक समन्वित ऑपरेशन के तहत पाकिस्तानी क्षेत्र के काफी अंदर तक हमला किया। इसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नौ उच्च-मूल्य वाले आतंकवादी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया, जिससे लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया।
भविष्य के ऑपरेशनों के लिए तैयार है भारत
ए.एन. प्रमोद ने कहा कि यह ऑपरेशन भारत के रणनीतिक संकल्प, परिचालन तत्परता और बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत विशिष्ट क्षमताओं को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और दुश्मन से आगे रहने के लिए परिचालन अवधारणाओं की लगातार समीक्षा करता है।
उन्होंने कहा, "विमान वाहक पोत विक्रांत, कोलकाता और विशाखापत्तनम श्रेणी के विध्वंसक (डिस्ट्रॉयर्स) जैसे स्वदेशी जहाजों के प्रदर्शन ने स्वदेशी क्षमता, 'ब्लू वॉटर' तत्परता और एकीकृत युद्ध कौशल में भारतीय नौसेना के निवेश को प्रमाणित किया है। इसने परिचालन सफलता के लिए 'आत्मनिर्भरता' को एक महत्वपूर्ण समर्थक के रूप में पुन: पुष्टि दी है।"
भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत केवल प्रतिक्रिया नहीं देगा, बल्कि शुरुआत से ही युद्ध क्षेत्र को आकार देगा।
उन्होंने आगे जोड़ा, "यदि ऑपरेशन सिंदूर हमारे नपे-तुले संकल्प का प्रमाण था, तो हमारी अगली प्रतिक्रिया निरंतर और भारी बढ़त वाली होगी। यदि हमें फिर से चुनौती दी गई, तो हम केवल जवाब नहीं देंगे, बल्कि शुरुआत से ही युद्ध क्षेत्र (बैटल स्पेस) को अपनी शर्तों पर ढालेंगे।"
भारत ने पाकिस्तान के 13 विमानों को नष्ट और 11 हवाई अड्डों पर हमला किया
भारतीय अधिकारियों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को हुए नुकसान के पैमाने का भी विवरण दिया। वायु सेना के उप प्रमुख, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि 2025 के हमलों के दौरान भारतीय बलों ने "पाकिस्तान के 13 विमानों को नष्ट कर दिया" और "11 हवाई अड्डों" पर प्रहार किया।
अवधेश कुमार भारती ने कहा, "हमने 7 मई को उनके 9 आतंकी शिविरों पर हमला कर उन्हें तहस-नहस कर दिया। इसका सबूत सबके सामने है। हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। हमने उनके 13 विमानों को या तो जमीन पर या हवा में नष्ट कर दिया, जिसमें 300 किलोमीटर से अधिक की रिकॉर्ड दूरी पर नष्ट किया गया एक उच्च-मूल्य वाला हवाई लक्ष्य (एयरबोर्न एसेट) भी शामिल है।"

