
'मेरा शरीर जिंदा है पर जिंदगी उजड़ गई', पहलगाम बरसी पर छलका कानपुर की बहु का दर्द
पहलगाम आतंकी हमले में कानपुर के शुभम द्विवेदी मारे गए थे। आतंकी हमले की पहली बरसी पर उनकी पत्नी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत कभी नहीं होनी चाहिए।
कानपुर, UP: पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी कहती हैं, "...पाकिस्तान के लिए मेरा गुस्सा बहुत निजी है। उन्होंने मेरे जीवन के उस मोड़ पर वार किया, जहां मेरी ज़िंदगी ही खत्म हो गई। अब बस एक इंसान ज़िंदा है। यह सिर्फ़ मेरे साथ नहीं बल्कि उन सभी 26 लोगों के साथ हुआ है। न सिर्फ़ उन 26 लोगों के साथ बल्कि हर आतंकी हमले के पीड़ित के परिवार के साथ भी। हम हमेशा यही कहेंगे कि पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए, न ही कुछ और। यहां तक कि खेल भी नहीं।
असलियत की बात करें तो भू-राजनीति (geopolitics) में उठाए जाने वाले कदमों को समझने के लिए आप और मैं बहुत छोटे हैं। भू-राजनीति हमारी समझ से कहीं अधिक बड़ी है। मुझे पता है कि हमारे PM हमारे देश से बहुत प्यार करते हैं। अगर भू-राजनीतिक स्तर पर हमारे देश के लिए कुछ ऐसे कदम उठाने जरूरी हैं, जो देश के हित में हों तो हमारा गुस्सा अपनी जगह सही है। लेकिन उनके कदम भी अपने स्तर पर सही हैं... पाकिस्तान के लिए मेरा बस एक ही संदेश है - यह अब वह देश नहीं रहा, जो चुपचाप बैठा रहे और घटनाओं को बर्दाश्त करता रहे। हमारी रक्षा प्रणाली (defence system) सचमुच बहुत मज़बूत है और वह आतंकवाद के ख़िलाफ़ खड़ा होना जानती है, वह आतंकवाद की आंखों में आंखें डालकर बात करना जानती है..."
#WATCH | April 22, 2025 Pahalgam terror attack anniversary | Kanpur, UP: Aishanya Dwivedi, wife of Shubham Dwivedi who was killed in the terror attack, says, "...My anger for Pakistan is very personal; they hit my life at a point where my life has finished. Now it is just an… pic.twitter.com/Li3egVfcM6
— ANI (@ANI) April 22, 2026
"...एक साल बाद भी उस घटना को याद करना मेरे लिए उतना ही मुश्किल है, जितना कि उस दिन था। उस दिन हिंदुओं का नरसंहार हुआ था और 26 लोग मारे गए थे। मुझे नहीं लगता कि कभी कोई ऐसा आतंकी हमला हुआ होगा, जिसमें किसी खास धर्म के लोगों को निशाना बनाया गया हो और पतियों को उनकी पत्नियों के सामने मार दिया गया हो। हमारे धर्म पर यह पहला और आखिरी हमला होना चाहिए।
पूरी दुनिया को एक साथ मिलकर उस देश का बहिष्कार करना चाहिए, जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है। इसकी शुरुआत हमारा देश कर रहा है। यह अच्छी बात है कि हम जानते हैं कि दुश्मन कौन है, आतंकवाद को कौन बढ़ावा देता है और हमें किसके ख़िलाफ़ खड़ा होना है। आतंकवाद के प्रति ज़रा भी नरमी न बरतना (No tolerance) बहुत ज़रूरी है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में हम ऐसे और भी कदम उठाएंगे... हर कोई जानता है कि पाकिस्तान ही वह देश है, जो आतंकवाद का समर्थन करता है... भारत हो या दुनिया में कहीं और सभी आतंकी हमलों की जड़ें हमेशा पाकिस्तान से ही जुड़ी होती हैं। चाहे वे इस बात को मानें या न मानें।''

