बढ़ गईं पेट्रोल-डीजल की कीमतें! देखें, कहां कितने का मिलेगा ईंधन?
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प्रतीकात्मक चित्र।

बढ़ गईं पेट्रोल-डीजल की कीमतें! देखें, कहां कितने का मिलेगा ईंधन?

वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियों के चलते तेल की कीमतों में 3 रुपए का उछाल हो गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है और आम लोगों की जेब पर कैंची चली।


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ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य और राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब भारत के आम नागरिकों की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है। वैश्विक स्तर पर अस्थिर परिस्थितियों के कारण भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल की कीमतों में आया यह उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों में हुए बदलाव का सीधा परिणाम है, जिससे आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

दिल्ली सहित अन्य महानगरों में ईंधन के नए दाम

मध्य-पूर्व (मिडिल-ईस्ट) में जारी जंग की शुरुआत के बाद यह पहला मौका है, जब भारत में ईंधन की कीमतों में इजाफा किया गया है। पेट्रोल और डीजल की ये नई दरें शुक्रवार, 15 मई 2026 से प्रभावी हो गई हैं। देश की राजधानी दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। अन्य महानगरों की बात करें तो कोलकाता में पेट्रोल 3.39 रुपये महंगा होकर 108.74 रुपये, मुंबई में 3.14 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 106.68 रुपये और चेन्नई में 2.83 रुपये की वृद्धि के साथ 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

डीजल की कीमतों में भी दर्ज की गई वृद्धि

महानगरों में डीजल की कीमतों में भी लगभग 2.80 रुपये से लेकर 3.30 रुपये तक का इजाफा देखा गया है। दिल्ली में 90.67 रुपये प्रति लीटर के भाव के अलावा, कोलकाता में डीजल के दाम 95.13 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। सुबह-सुबह ईंधन की कीमतों में हुई इस वृद्धि ने आम जनता को बड़ा झटका दिया है।

प्रधानमंत्री की अपील और भविष्य के संकेत

उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से ईंधन संरक्षण की अपील की थी। उन्होंने नागरिकों से निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और यथासंभव 'वर्क फ्रॉम होम' अपनाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद से ही विशेषज्ञ यह संकेत दे रहे थे कि जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। मिडिल-ईस्ट के हालातों को देखते हुए तेल आपूर्ति शृंखला पर पड़ने वाले प्रभाव का असर अब कीमतों के रूप में सामने आ रहा है।

जनता के बीच 'पैनिक बाइंग' और 20 रुपये तक बढ़ोतरी का डर

कीमतें बढ़ने की आधिकारिक घोषणा से पहले ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और बिहार सहित लगभग 8 राज्यों के कई पेट्रोल पंपों पर 'पैनिक बाइंग' (घबराहट में खरीदारी) का माहौल देखा गया। लोगों के बीच यह डर व्याप्त था कि 15 मई से तेल की कीमतों में 5 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति लीटर तक की भारी वृद्धि हो सकती है। इसी आशंका के चलते लोग भारी संख्या में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़े नजर आए और अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाते दिखे।

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