ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: पीएम मोदी ने वीर सैनिकों को किया नमन
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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ: पीएम मोदी ने वीर सैनिकों को किया नमन

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने भारतीय सेना के पराक्रम को सराहा। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद और उसके इकोसिस्टम को मिटाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।


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Operation Sindoor Anniversary : ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सैन्य अभियान की पहली वर्षगांठ पर सेना की वीरता को सलाम किया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा।



शौर्य और विजय का संस्कृत संदेश
प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के मनोबल को रेखांकित करने के लिए एक विशेष श्लोक भी साझा किया। उन्होंने लिखा, 'उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत। यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।।' इसका अर्थ है कि जिस सेना के योद्धा और वाहन उत्साह से भरे होते हैं, उसकी विजय निश्चित है। यह संदेश उन सैनिकों के लिए है जिन्होंने दुर्गम परिस्थितियों में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब दिया।

पहलगाम के पीड़ितों को मिला न्याय
ठीक एक साल पहले, हमारे सशस्त्र बलों ने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना ने अतुलनीय साहस, सटीकता और संकल्प का प्रदर्शन किया था। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि समूचा राष्ट्र हमारे बलों की वीरता को नमन करता है। इस ऑपरेशन ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो-टोलरेंस नीति को वैश्विक पटल पर साबित किया है।


सैन्य आत्मनिर्भरता की बढ़ती ताकत
पीएम मोदी के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल हमारी पेशेवर तैयारी को दिखाया, बल्कि सेना के बढ़ते समन्वय (Jointness) को भी उजागर किया। यह अभियान रक्षा क्षेत्र में भारत की 'आत्मनिर्भरता' की बढ़ती ताकत का भी प्रतीक है। स्वदेशी तकनीक और मजबूत तालमेल ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। आज भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं है।

आतंकी इकोसिस्टम को नष्ट करने का संकल्प
आज एक साल बाद भी भारत आतंकवाद को हराने और उसके सहायक इकोसिस्टम को नष्ट करने के अपने संकल्प पर अडिग है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो भारत की शांति भंग करने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सेना की तैयारी और सरकार की इच्छाशक्ति ने साफ कर दिया है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाने में सक्षम है।

रणनीतिक और मानसिक बढ़त का प्रदर्शन
ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह भारत की रणनीतिक बढ़त का उदाहरण था। इसमें सेना के तीनों अंगों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला था। 25 मिनट की उस कार्रवाई ने न केवल दुश्मन के ठिकाने उजाड़े, बल्कि उनके हौसले भी पस्त कर दिए। आज पूरा देश उन जांबाज सैनिकों की गाथा को गर्व के साथ याद कर रहा है।


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