राज्यसभा की 27 सीटों पर रण: NDA छू सकती है 150 पार, कांग्रेस को झटका
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राज्यसभा की 27 सीटों पर रण: NDA छू सकती है 150 पार, कांग्रेस को झटका

18 जून को होगा राज्यसभा चुनाव; NDA बहुमत के करीब, गुजरात में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होने का खतरा। मल्लिकार्जुन खड़गे की वापसी तय, आज जारी होगी अधिसूचना।


Rajya Sabha Mathematics: देश में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद बदले सियासी समीकरणों के बीच संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा की 27 सीटों को भरने के लिए रणभेरी बज चुकी है. आगामी 18 जून 2026 को होने वाले ये राज्यसभा चुनाव देश का अगला सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हैं, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए यह चुनाव बेहद अहम है.


सूत्रों के मुताबिक, बीती रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें राज्यसभा चुनावों की रणनीति पर गहन मंथन किया गया. वर्तमान में उच्च सदन में 148 सांसदों वाले एनडीए को पूरा भरोसा है कि इस चुनाव के बाद उसकी कुल ताकत 150 के आंकड़े को पार कर जाएगी, जो उसे राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के बेहद करीब ले आएगी. इस चुनाव की 27 सीटों में से एनडीए के पाले में 17 से 18 सीटें जाने का अनुमान है.

खड़गे की वापसी तय, लेकिन गुजरात में कांग्रेस का होने जा रहा 'ऐतिहासिक वॉशआउट'
इस चुनाव में कई दिग्गज नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन व रवनीत सिंह बिट्टू शामिल हैं.

खड़गे की सुरक्षित वापसी: कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर कर्नाटक से है, जहां पार्टी अपनी संख्या बल के आधार पर तीन सीटें जीतने की स्थिति में है. ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का दोबारा राज्यसभा चुना जाना पूरी तरह तय माना जा रहा है.

गुजरात में सूपड़ा साफ: दूसरी तरफ, कांग्रेस को गुजरात में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक झटका लगने जा रहा है. राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस के एकमात्र सांसद शक्तिसिंह गोहिल का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है. राज्य विधानसभा में एक सीट के लिए जरूरी 46 विधायकों के मुकाबले कांग्रेस के पास सिर्फ 12 विधायकों का समर्थन है. ऐसे में इतिहास में पहली बार होगा जब राज्यसभा में गुजरात से कांग्रेस का एक भी प्रतिनिधि नहीं बचेगा.

मध्य प्रदेश में 'क्रॉस वोटिंग' का खौफ, राजस्थान में गहलोत की चर्चा
राज्यसभा चुनावों में हमेशा से 'क्रॉस वोटिंग' राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द रही है. इस बार राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर मध्य प्रदेश की तीन सीटों पर रहेगी. यहाँ भाजपा दो सीटें आसानी से जीत रही है, जहां से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन रेस में हैं. वहीं कांग्रेस के पास सिर्फ एक सीट जीतने लायक संख्या बल है और उसके पास केवल 6 सरप्लस (अतिरिक्त) वोट हैं, जिससे कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा सबसे ज्यादा है. दिग्विजय सिंह के चुनाव लड़ने से इनकार के बाद कांग्रेस यहां किसी बड़े चेहरे पर दांव लगा सकती है.

उधर राजस्थान की तीन सीटों में से भाजपा के खाते में दो और कांग्रेस के खाते में एक सीट जाने की संभावना है. भाजपा की ओर से रवनीत सिंह बिट्टू को बड़ा दावेदार माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत या प्रवक्ता पवन खेड़ा को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है. झारखंड में दो सीटों पर चुनाव होना है (जिसमें एक सीट शिबू सोरेन के निधन से खाली हुई है), जहां कांग्रेस अपनी सहयोगी झामुमो (JMM) के भरोसे एक सीट की उम्मीद लगाए बैठी है.

आज जारी होगी अधिसूचना, 8 जून तक भरे जाएंगे नामांकन
इस पूरे चुनावी चक्र की आधिकारिक शुरुआत आज (1 जून 2026) अधिसूचना जारी होने के साथ हो जाएगी. प्रत्याशियों के पास नामांकन दाखिल करने के लिए 8 जून तक का समय होगा. इस दौर में जिन 24 सीटों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें से 11 सीटें भाजपा और 3 इसके सहयोगियों के पास थीं.

इसके अलावा, तीन सीटों पर उपचुनाव (Bypolls) भी कराए जा रहे हैं. इनमें से एक सीट सुनेत्रा पवार की है, जिन्होंने बारामती विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दे दिया था. वहीं दूसरी उपचुनाव वाली सीट ओडिशा के सांसद देबाशीष सामंतराय की है, जिन्होंने बीजद (BJD) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. भाजपा जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती है.


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