
NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, IAF प्लान पर मंथन
NEET-UG पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। सरकार 21 जून की री-एग्जाम परीक्षा के लिए IAF विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है।
NEET-UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार (29 मई) को अहम याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इस बीच केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों के इस्तेमाल पर विचार कर रही है, ताकि पेपर लीक जैसी घटना दोबारा न हो।
यह सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) द्वारा दायर याचिकाओं में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने, भविष्य की परीक्षाओं के लिए कोर्ट की निगरानी में कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने और कथित पेपर लीक मामले की CBI जांच कराने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्र सरकार, NTA और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया था। हालांकि, अब तक इन संस्थाओं ने अदालत में अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। इस मामले ने देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-UG की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि हर साल लाखों मेडिकल छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं।
IAF के इस्तेमाल पर मंथन
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम परीक्षा के प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों के इस्तेमाल की संभावना तलाश रही है।इस मुद्दे पर गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए। बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि क्या NEET-UG प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए IAF विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद 21 जून की परीक्षा की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर जानकारी उन्हें दी जा रही है।बैठक में परीक्षा प्रक्रिया के हर पहलू पर चर्चा हुई। इसमें शिक्षकों द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने, पेपर प्रिंटिंग, परिवहन और सुरक्षा इंतजामों तक के मुद्दे शामिल थे। बैठक में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए करीब 23 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा का आयोजन NTA द्वारा किया गया था।NTA के मुताबिक, परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक की जानकारी मिली थी। एजेंसी ने कहा कि अगले ही दिन यह जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए सौंप दी गई थी।इसके बाद 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के चलते NEET-UG परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा 21 जून को कराने का फैसला लिया गया।
CBI जांच और गिरफ्तारियां
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर CBI ने इस मामले में केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी ने मामले की जांच के लिए विशेष टीमें गठित कीं और देशभर में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।CBI ने पहले कहा था कि अब तक की जांच में प्रश्नपत्र लीक के असली स्रोत का पता चल चुका है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

