
पीएम मोदी के बचाव में फिर उतरे शशि थरूर, कांग्रेस पर बढ़ा दबाव
जी-7 में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने पर शशि थरूर ने पीएम मोदी का बचाव किया। कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचाव में सामने आए हैं। इस बार उन्होंने फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में एक व्यापारी जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा राष्ट्रपति ट्रंप के सामने पर्याप्त मजबूती से नहीं उठाया। इसी आलोचना के जवाब में शशि थरूर ने प्रधानमंत्री का बचाव किया।
थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंताओं को ट्रंप के साथ हुई बातचीत में सार्वजनिक और निजी, दोनों स्तरों पर स्पष्ट रूप से रखा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविक सैनिक नहीं होते और उन्हें किसी भी सैन्य संघर्ष का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
थरूर ने कहा, “व्यावसायिक जहाजों पर कार्यरत नागरिक नाविक सैनिक नहीं हैं और यह संदेश प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से पहुंचाया है।” उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि यदि कोई जहाज किसी प्रतिबंध या नाकाबंदी का उल्लंघन करता है, तो संबंधित देशों को उससे निपटने के लिए ऐसे वैकल्पिक तरीके अपनाने चाहिए जिनसे निर्दोष नागरिकों की जान खतरे में न पड़े।
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने थरूर के बयान को लेकर कांग्रेस पर ही हमला बोल दिया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि शशि थरूर की टिप्पणियों ने अप्रत्यक्ष रूप से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक कोशिशों की सराहना कर रहे हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री ने भारतीय नाविकों की मौत पर भारत की चिंता को प्रभावी ढंग से अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने रखा और क्या अमेरिका से जवाबदेही की मांग की गई।
जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यापार मार्गों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समेत दुनिया भर के समुद्री मार्गों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं और उनकी सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने सुरक्षित समुद्री मार्गों और नाविकों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।
यह पहला अवसर नहीं है जब शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन किया हो। इससे पहले भी विदेश नीति और राष्ट्रीय हित से जुड़े कई मुद्दों पर उन्होंने मोदी सरकार के रुख का समर्थन किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी थरूर ने भारत की कूटनीतिक पहल की सराहना करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वैश्विक नेताओं से संवाद स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखना देश की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के दौरान भी थरूर ने भारत सरकार की कूटनीतिक पहल का समर्थन किया था। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के प्रयासों की सराहना की थी, जिन्होंने तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान सहित क्षेत्रीय देशों के साथ संवाद के रास्ते खुले रखने की कोशिश की।

