
शशि थरूर की 'मोदी तारीफ' पर कांग्रेस में रार, खेड़ा और थरूर में तीखी जंग
G7 समिट में पीएम मोदी की तारीफ करने पर शशि थरूर और पवन खेड़ा के बीच छिड़ी जुबानी जंग। बीजेपी बोली- थरूर ने राहुल गांधी को किया बेनकाब। जानें पूरा विवाद।
Congress and Shashi Tharoor: जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात को लेकर कांग्रेस के भीतर एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर द्वारा भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर पीएम मोदी की कूटनीति की तारीफ करना उनकी अपनी ही पार्टी को नागवार गुजरा है। इस 'मोदी प्रशंसा' से नाराज कांग्रेस ने थरूर पर तीखा हमला बोला है, जिसके बाद पवन खेड़ा और शशि थरूर के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है।
पवन खेड़ा का तंज: 'थरूर के पास हैं सुपरह्यूमन सेंस'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने शनिवार (20 जून 2026) को एक्स पर शशि थरूर को आड़े हाथों लिया। विदेश मंत्रालय (MEA) की आधिकारिक ब्रीफिंग का हवाला देते हुए खेड़ा ने बेहद कड़े और व्यंग्यात्मक शब्दों में लिखा:
"मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की पीएम मोदी के लिए प्रशंसा अब भौतिक दुनिया की सीमाओं को पार कर गई है। अब वे वह भी सुनने में सक्षम हैं जो मोदी जी कहते भी नहीं हैं। थरूर जी को न जाने कैसे वो 'दमदार दावे', 'मजबूत पुशबैक' और 'अटूट कूटनीति' सुनाई दे गई, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में कहीं है ही नहीं। शायद हम जैसे बाकी आम लोग इंसानी इंद्रियों की सीमाओं से बंधे हुए हैं।"
थरूर का पलटवार: 'विपक्ष के पास मुद्दा नहीं, मैंने AI और मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया'
अपनी अंग्रेजी शब्दावली और वाकपटुता के लिए मशहूर शशि थरूर ने खेड़ा के इस वार पर तुरंत पलटवार किया। थरूर ने साफ किया कि उन्होंने कोई मनगढ़ंत बात नहीं कही, बल्कि मीडिया रिपोर्ट्स और एआई टूल 'गूगल जेमिनी' द्वारा तैयार की गई समरी के आधार पर बयान दिया था। थरूर ने लिखा:
तथ्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं: "जिन्हें लगता है कि मैंने वो शब्द 'सुने' जो नरेंद्र मोदी ने कभी कहे ही नहीं, उन्हें बता दूं कि मैं केवल प्रिंट मीडिया में छपी खबरों का हवाला दे रहा था। मैंने जीवन में कभी तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया और मैं अपने बयान पर कायम हूँ।"
घटिया राजनीति का आरोप: थरूर ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि तीन भारतीय नागरिकों की मौत और नाविकों की सुरक्षा जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दे को भी आंतरिक राजनीतिक खींचतान का जरिया बना दिया गया। थरूर ने कहा, "जो लोग देश के नागरिकों की सुरक्षा से ज्यादा राजनीतिक स्कोर सेट करने में रुचि रखते हैं, यह उनकी सोच को दर्शाता है।"
बीजेपी ने लपका मौका: 'थरूर ने राहुल गांधी को बेनकाब किया'
कांग्रेस के भीतर मचे इस घमासान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तुरंत चुटकी ली। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस बयान को लपकते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा:
"शशि थरूर ने राहुल गांधी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। अब कांग्रेस के नेता खुद खुलेआम पीएम नरेंद्र मोदी की कूटनीति की तारीफ कर रहे हैं। जब भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा की बात आती है, तो पीएम मोदी सबसे आगे खड़े होते हैं, और जब देश के हितों के खिलाफ बोलने की बात आती है, तो राहुल गांधी सबको पीछे छोड़ देते हैं।"
पुरानी है तल्खी: 'ऑपरेशन सिंदूर' से शुरू हुआ था विवाद
शशि थरूर और कांग्रेस आलाकमान के बीच यह कड़वाहट नई नहीं है। पिछले दो सालों में कई ऐसे मौके आए हैं जब थरूर ने पार्टी लाइन से अलग जाकर पीएम मोदी के फैसलों का समर्थन किया है। इस ताजा विवाद की नींव हाल ही में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पड़ी थी।
दरअसल, केंद्र सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का पक्ष रखने के लिए कांग्रेस पार्टी की मर्जी के बिना शशि थरूर को भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए चुना था। थरूर पार्टी से क्लियरेंस लिए बिना विदेश दौरे पर चले गए थे, जिससे कांग्रेस नेतृत्व बेहद खफा था। उस समय कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी उन पर तंज कसते हुए लिखा था कि "कुछ शिकारी देशभक्ति के पंख पहनकर घूम रहे हैं।" हालांकि, इस साल जनवरी में थरूर ने सफाई दी थी कि उन्होंने कभी भी कांग्रेस की आधिकारिक विचारधारा और स्टैंड का उल्लंघन नहीं किया है।
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