विदेश मंत्रालय के सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे में लोकतंत्र पर दिया करारा जवाब
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विदेश मंत्रालय के सिबी जॉर्ज ने नॉर्वे में लोकतंत्र पर दिया करारा जवाब

पीएम मोदी के नॉर्वे दौरे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय राजनयिक सिबी जॉर्ज और वहां की एक महिला पत्रकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली है।


PM Modi's Norway Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों यूरोप और खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। इस दौरे के तहत जब वह नॉर्वे पहुंचे तो वहां एक अलग ही नजारा दिखा। विदेश मंत्रालय (MEA) की एक प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय राजनयिक और वहां की महिला पत्रकार के बीच तीखी बहस हो गई। इस बहस के बाद वरिष्ठ राजनयिक सिबी जॉर्ज अचानक चर्चा में आ गए हैं। उन्होंने भारत के लोकतंत्र और प्रेस की आजादी का बहुत मजबूती से बचाव किया है।


नॉर्वे की पत्रकार ने उठाए थे सवाल

दरअसल इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब नॉर्वे के एक अखबार की पत्रकार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में पीएम मोदी संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जाते हुए दिख रहे थे। पत्रकार ने लिखा कि वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत बहुत नीचे है। इसके बाद प्रेस ब्रीफिंग में भी उन्होंने भारतीय अधिकारियों से भारत के मानवाधिकार और लोकतंत्र को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए।


सिबी जॉर्ज का पत्रकार को करारा जवाब

पत्रकार के सवालों का विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने डटकर सामना किया। जब पत्रकार ने उनके जवाब के बीच में टोकने की कोशिश की तो सिबी जॉर्ज ने साफ शब्दों में कहा कि आप सिर्फ सवाल पूछिए, मुझे यह मत बताइए कि जवाब कैसे देना है। उन्होंने पत्रकार को याद दिलाया कि भारत एक 5000 साल पुरानी सभ्यता है जहां लोकतंत्र और मानवाधिकारों का हमेशा सम्मान किया जाता है।


भारतीय मीडिया की ताकत का दिया हवाला

सिबी जॉर्ज ने वैश्विक मंच पर भारत की ताकत और उसकी विविधता को खुलकर रखा। उन्होंने कहा कि भारत में कई भाषाओं में सैकड़ों टीवी न्यूज चैनल चल रहे हैं। जो लोग भारत की आलोचना करते हैं, वे इसकी विशालता को नहीं समझते हैं। हमारे देश में हर नागरिक को संविधान की तरफ से अधिकार मिले हुए हैं। अगर किसी के अधिकारों का हनन होता है तो उसके पास कोर्ट जाने का पूरा अधिकार है।


पश्चिमी देशों को दिखाया आईना

भारतीय राजनयिक ने मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाने वाले पश्चिमी देशों को इतिहास का आईना भी दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत ने आजादी के साल यानी 1947 से ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था। इसके विपरीत कई पश्चिमी देशों में महिलाओं को यह अधिकार पाने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने साफ किया कि भारत समानता और मानवाधिकारों पर पूरा भरोसा रखता है।


पांच देशों के दौरे पर हैं पीएम मोदी

आपको बता दें कि पीएम मोदी इस समय पांच देशों की रणनीतिक यात्रा पर हैं। वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड और स्वीडन की यात्रा पूरी करके नॉर्वे पहुंचे हैं। इसके बाद वह अपने अंतिम पड़ाव इटली के लिए रवाना होंगे। इस पूरी यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा सहयोग, ग्रीन टेक्नोलॉजी और आपसी रणनीतिक रिश्तों को और ज्यादा मजबूत करना है।


जानिए कौन हैं राजनयिक सिबी जॉर्ज

सिबी जॉर्ज 1993 बैच के बेहद सीनियर भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी हैं। वह मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं। वह पढ़ाई में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं और उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद जैसे बड़े संस्थानों से ट्रेनिंग ली है। वह जापान, स्विट्जरलैंड और कुवैत जैसे कई देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं। साल 2014 में उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए एसके सिंह पुरस्कार भी मिल चुका है।


काहिरा से शुरू हुआ करियर

सिबी जॉर्ज ने अपने राजनयिक करियर की शुरुआत मिस्र की राजधानी काहिरा से की थी। इसके बाद उन्होंने दोहा, इस्लामाबाद और वाशिंगटन डीसी जैसे दुनिया के कई बड़े शहरों में अपनी सेवाएं दीं। इन पोस्टिंग्स के दौरान उन्होंने भारत के राजनीतिक, कमर्शियल और वाणिज्य दूतावास से जुड़े मामलों को बहुत करीब से संभाला है।

कई खाड़ी देशों में रहे डिप्टी चीफ

सिबी जॉर्ज के पास खाड़ी देशों का भी एक बहुत लंबा और गहरा अनुभव है. वह तेहरान (इरान) और रियाद (सऊदी अरब) में भारत के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन के रूप में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में भी कई बड़े विभागों का काम संभाला है। इसमें पूर्वी एशिया विभाग और भारत-अफ़्रीका फ़ोरम समिट की को-ऑर्डिनेशन टीम शामिल है।

कई बड़े देशों में रहे भारत के राजदूत

एक सीनियर राजनयिक के तौर पर सिबी जॉर्ज कई महत्वपूर्ण देशों में भारत के राजदूत रह चुके हैं. वह जापान, स्विट्जरलैंड और कुवैत में भारत के एंबेसडर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने होली सी (वैटिकन), लिकटेंस्टीन और मार्शल आइलैंड्स जैसे देशों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। साल 2014 में उन्हें उत्कृष्ट सेवा के लिए विदेश मंत्रालय के प्रतिष्ठित 'एसके सिंह पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।

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