भूपेंद्र यादव के घर TMC बागियों की बैठक; शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद
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भूपेंद्र यादव के घर TMC बागियों की बैठक; शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद

वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा और पार्टी से दिया इस्तीफा; दिल्ली में 20 लोकसभा सांसद गायब। ममता-अभिषेक की मौजूदगी के बीच तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट।


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TMC Rebellions At Bhupendra Yadav's Home: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद चौतरफा संकट से घिरी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संसदीय दल में सोमवार को बहुत बड़ा विस्फोट हो गया है. टीएमसी के सबसे वरिष्ठ और मुखर चेहरे रहे राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर अन्य बागी सांसदों और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ एक हाई-प्रोफाइल बंद कमरे की बैठक कर रहे हैं. इस बैठक से ठीक पहले सुखेंदु शेखर ने टीएमसी के सभी पदों, प्राथमिक सदस्यता और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर पार्टी के भीतर एक ऐतिहासिक बगावत का आधिकारिक बिगुल फूंक दिया.


केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर चल रही इस गुप्त बैठक में सुखेंदु शेखर के साथ टीएमसी के कुल 6 बागी सांसद मुख्य रूप से शामिल हैं, जिनमें शर्मिला सरकार, जगदीश वासुनिया, कालीपद सोरेन, प्रसून बनर्जी और अरूप चक्रवर्ती के नाम सामने आए हैं. सुखेंदु शेखर रे ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद एक बेहद तीखा बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जमकर तारीफ की और ममता सरकार के 15 साल के शासनकाल को पूरी तरह अराजक और विफल बताया.

'15 साल का कुशासन, भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न को जनता ने नकारा'
अपने आधिकारिक त्यागपत्र और बयान में सुखेंदु शेखर रे ने ममता सरकार की नीतियों पर चौतरफा हमला बोलते हुए कहा:

"हाल ही में हुए चुनावों में बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर पूर्ण अविश्वास व्यक्त किया है. मतदाताओं ने पार्टी के व्यापक भ्रष्टाचार, महिलाओं पर हो रहे घोर दमन और शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार और कानून-व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में फैली घोर विफलता और अराजकता को पूरी तरह नकार दिया है. जनता ने बंगाल के इतिहास में पहली बार भाजपा को भारी बहुमत से विजयी बनाया है. इसी ऐतिहासिक फैसले को स्वीकार करते हुए, मैं तृणमूल कांग्रेस पार्टी और राज्यसभा से इस्तीफा देता हूं."

ममता-अभिषेक दिल्ली की बैठक में, इधर 20 लोकसभा सांसद 'अज्ञात' जगह शिफ्ट
सुखेंदु शेखर और अन्य सांसदों की केंद्रीय मंत्री के घर चल रही यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब खुद ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में ही मौजूद हैं.

20 सांसद अचानक गायब: 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद अचानक गायब हो गए हैं और उन्हें किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है.

अभिषेक बनर्जी को नेता मानने से इनकार?: सूत्रों के अनुसार, ये सभी बागी सांसद सुखेंदु शेखर रे के साथ गुप्त बैठक कर रहे हैं और दो विकल्पों पर विचार कर रहे हैं या तो वे लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर संसद में एक 'अलग गुट' के रूप में मान्यता मांगेंगे (जिसमें वे अभिषेक बनर्जी को अपना नेता स्वीकार नहीं करेंगे) या फिर वे सामूहिक रूप से अपनी संसद सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे.

विधायकों के बाद अब सांसदों का विद्रोह; बिखरने की कगार पर तृणमूल
टीएमसी में चल रहा यह घटनाक्रम उस बड़े विद्रोह की अगली कड़ी है जो राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद शुरू हुआ था. चुनाव के बाद टीएमसी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए दो विधायकों रिताब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को निष्कासित कर दिया था. इसके बाद, इन दोनों नेताओं की अगुवाई में टीएमसी के 80 में से 58 और विधायकों ने बगावत का झंडा बुलंद करते हुए सदन में अपना एक 'अलग गुट' बना लिया था. अब विधायकों के बाद 20 लोकसभा सांसदों के एक साथ बागी रुख अपनाने और वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर के इस्तीफे के बाद संसद के दोनों सदनों में भी तृणमूल कांग्रेस का वजूद अपने इतिहास के सबसे गंभीर संकट में आ गया है.


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