
राहुल गांधी के PM मोदी को मैजिशियन कहने पर मचा बवाल, संसद में जमकर हुआ हंगामा
17 अप्रैल 2026 को महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को "जादूगर" (मैजिशियन) कहकर संबोधित किया, जिससे सदन में भारी हंगामा हुआ।
Rahul Gandhi Called PM Modi A Magician: संसद के विशेष सत्र में 17 अप्रैल 2026 की तारीख हंगामे और तीखी बयानबाजी के नाम रही। महिला आरक्षण से संबंधित परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान सदन का माहौल उस वक्त पूरी तरह गर्मा गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने के लिए "मैजिशियन" (जादूगर) शब्द का इस्तेमाल किया।
राहुल गांधी का 'जादूगर' वाला तंज
अपनी बात की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने सरकार की आर्थिक और चुनावी नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने नोटबंदी और अब महिला आरक्षण के कार्यान्वयन को परिसीमन से जोड़ने की प्रक्रिया (जिसे उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में संदर्भित किया) पर तंज कसते हुए कहा, "प्रधानमंत्री एक जादूगर की तरह काम कर रहे हैं, जो जनता का ध्यान भटकाकर पर्दे के पीछे से खेल खेलते हैं।"
राहुल ने आगे कहा, "लेकिन अब यह जादूगर पकड़ा गया है। जनता समझ चुकी है कि यह महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की एक कोशिश है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी, दलितों और महिलाओं के वास्तविक अधिकारों को छीनकर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।
भाजपा का तीखा पलटवार और राजनाथ सिंह की मांग
राहुल गांधी की टिप्पणी पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने खड़े होकर कड़ा विरोध जताया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाला और राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की। राजनाथ सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का होता है। उन्हें 'जादूगर' कहना और उनके लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना न केवल उनके पद का अपमान है, बल्कि यह संसदीय गरिमा के भी खिलाफ है।"
भाजपा सांसदों ने 'माफी मांगो' के नारे लगाए और राहुल गांधी पर संसद की मर्यादा लांघने का आरोप लगाया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट रूप से मांग की कि विपक्ष के नेता को अपने शब्दों के लिए सदन से माफी मांगनी चाहिए।
स्पीकर की कार्रवाई और शब्दों को हटाया जाना
सदन में बढ़ते शोर-शराबे और हंगामे को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने सांसदों को शांत रहने की हिदायत दी और स्पष्ट किया कि सदन में किसी भी व्यक्ति के लिए अपमानजनक या असंसदीय भाषा का उपयोग स्वीकार्य नहीं है। हंगामे के कुछ देर बाद, स्पीकर ने राहुल गांधी द्वारा उपयोग किए गए 'जादूगर' और उससे जुड़ी कुछ अन्य विवादित टिप्पणियों को सदन की आधिकारिक कार्यवाही (Records) से हटाने का आदेश दिया।
चुनावी नक्शा और अधिकारों की लड़ाई
हंगामे के बावजूद राहुल गांधी ने अपनी बात जारी रखी और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन का असली मकसद महिलाओं को आरक्षण देना नहीं, बल्कि उत्तर भारत की सीटें बढ़ाकर दक्षिण और अन्य राज्यों के अधिकारों को कम करना है। उन्होंने इसे 'मनुवाद बनाम संविधान' की लड़ाई का हिस्सा बताया। वहीं, भाजपा ने इसे राहुल गांधी की 'हताशा' करार दिया और कहा कि जब भी देश में कुछ ऐतिहासिक काम होता है, कांग्रेस उसे बाधित करने की कोशिश करती है।
संसद में हुई यह गर्मागर्म बहस दर्शाती है कि परिसीमन और महिला आरक्षण बिल केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह 2029 के चुनावों से पहले एक बड़ी राजनीतिक जंग का मैदान बन चुका है। राहुल गांधी के 'जादूगर' वाले बयान ने इस बहस को और अधिक व्यक्तिगत और कड़वा बना दिया है।

