
ट्विशा शर्मा केस : AIIMS की टीम ने माना आत्महत्या, कहा - नहीं मिले हमले या चोट के सबूत
इस मामले में सीबीआई ने 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है।
ट्विशा शर्मा केस में AIIMS के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ने मामले की जांच को एक अहम मोड़ दिया है। मेडिकल बोर्ड ने ट्विशा के शरीर की जांच और उपलब्ध मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर शारीरिक हमले या चोट के स्पष्ट सबूत नहीं पाए और मौत को आत्महत्या माना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) के पांच सदस्यों वाले मेडिकल बोर्ड ने CBI को सौंपी 11 पन्नों की अपनी रिपोर्ट में ये बात कही है।
इस मामले में सीबीआई ने 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। दोनों पर दहेज से जुड़ी मौत, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने यह चार्जशीट भोपाल की विशेष CBI अदालत में पेश की है।
ससुराल में मृत पाई गई थी ट्विशा
ट्विशा शर्मा 33 साल की थीं। उनकी शादी 9 दिसंबर 2025 को वकील समर्थ सिंह से हुई थी। 12 मई 2026 को भोपाल स्थित ससुराल में वह मृत मिली थीं। FIR के मुताबिक, समर्थ ने दावा किया था कि ट्विशा ने रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर घर में फांसी लगा ली थी। इसके बाद वह उन्हें AIIMS भोपाल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मेडिको-लीगल केस दर्ज किया था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चार्जशीट में दहेज मृत्यु से संबंधित धारा का जिक्र नहीं है। लेकिन ट्विशा के परिजन की ओर से वकील अंकुर पांडे का कहना है कि CBI के चालान के पहले पृष्ठ पर दहेज मृत्यु सहित अन्य धाराओं का जिक्र है, लेकिन रिपोर्ट के निष्कर्ष वाले हिस्से में इन धाराओं का जिक्र नहीं किया गया है।
ट्विशा के परिवार ने लगाए थे गंभीर आरोप
ट्विशा के परिवार ने उनकी मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। परिवार ने पति और सास पर मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और दहेज के लिए प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामले की जांच पहले स्थानीय पुलिस ने की और बाद में CBI को सौंप दी गई। CBI ने 25 मई से जांच शुरू की थी।
मामले में पोस्टमार्टम को लेकर भी विवाद हुआ था। ट्विशा के परिवार की ओर से पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए जाने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। 24 मई को भोपाल में AIIMS दिल्ली की चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने दूसरा पोस्टमार्टम किया था।

