भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, सिर्फ 1% बातचीत बाकी: सर्जियो गोर
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सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के राजदूत हैं।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, सिर्फ 1% बातचीत बाकी: सर्जियो गोर

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में है। उन्होंने भारत के चुनौतीपूर्ण पड़ोस और मोदी-ट्रंप रिश्तों का भी जिक्र किया।


भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में स्थित है और उसके कुछ पड़ोसी देशों के कारण सुरक्षा संबंधी परिस्थितियां हमेशा जटिल बनी रहती हैं। हालांकि, उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अंतिम दौर की बातचीत चल रही है।

पड़ोसियों को लेकर जताई चिंता

मंगलवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए गोर ने कहा कि भारत दुनिया के ऐसे हिस्से में है, जहां चुनौतियां बेहद अधिक हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ पड़ोसी काफी मुश्किल हैं और वहां हालात कब बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है।

उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद भारत और अमेरिका के बीच कई समानताएं हैं, जो आने वाले दशकों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाएंगी। उनके मुताबिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), प्रौद्योगिकी, एविएशन और अन्य उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के पास साथ मिलकर काम करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्ष द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देंगे, जिसका लाभ आने वाले कई दशकों तक मिलेगा।

व्यापार समझौता अंतिम चरण में

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जानकारी देते हुए गोर ने कहा कि बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और अब केवल अंतिम एक प्रतिशत काम बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौते को जल्द अंतिम रूप दे दिया जाएगा।उन्होंने बताया कि इस समझौते पर पिछले लगभग 18 महीनों से लगातार बातचीत चल रही है। उनके अनुसार अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और दोनों पक्ष केवल कुछ शेष बिंदुओं पर चर्चा कर रहे हैं।

'यूरोप समझौते की तुलना में काफी तेज़ प्रगति'

व्यापार समझौते में लग रहे समय पर प्रतिक्रिया देते हुए गोर ने कहा कि कई लोग पूछते हैं कि प्रक्रिया में इतना समय क्यों लग रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इसकी तुलना यूरोप के साथ हुए व्यापार समझौतों से की जाए, जिनमें लगभग 20 वर्ष लगे थे, तो भारत-अमेरिका वार्ता काफी तेज़ गति से आगे बढ़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समझौते को जल्द पूरा करने के लिए दोनों पक्ष प्रतिबद्ध हैं।

मोदी-ट्रंप की व्यक्तिगत केमिस्ट्री का भी किया जिक्र

सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच व्यक्तिगत तालमेल भी दोनों देशों के संबंधों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी पिछली भारत यात्रा को आज भी अपनी सबसे यादगार विदेश यात्राओं में से एक मानते हैं और अक्सर उसका उल्लेख करते हैं। गोर ने कहा कि ट्रंप की भारत यात्रा उनके दिल के बेहद करीब रही है और वह उनके दोबारा भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।

500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर जोर

राजदूत ने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तय किए गए अगले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं और प्रस्तावित व्यापार समझौता इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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