
Women Reservation Bill Live: बिल से द. भारत के राज्यों को नहीं होगा कोई नुकसान- अमित शाह
women reservation Bill Live Updates: नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन पर संसद में चर्चा जारी है। ताजा जानकारी के लिए बने रहिए द फेडरल देश के साथ।
women resrvation amendment bill Live: संसद के विशेष सत्र में आज महिला आरक्षण कानून से जुड़े तीन महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे। इन प्रस्तावों में वर्ष 2029 से लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसी विषय पर विचार-विमर्श के लिए तीन दिन का विशेष सत्र आयोजित किया गया है।
संशोधन विधेयक के तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर अधिकतम 850 करने का प्रस्ताव है, जबकि वर्तमान में यह संख्या 543 है। प्रस्ताव के अनुसार, राज्यों के लिए अधिकतम 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 35 सीटें निर्धारित की जा सकती हैं। सीटों के अंतिम निर्धारण के लिए परिसीमन प्रक्रिया लागू की जाएगी।
नए प्रावधानों के अनुसार लोकसभा की 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इन विधेयकों पर संसद में 18 अप्रैल तक विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
Live Updates
- 16 April 2026 3:12 PM IST
पीएम मोदी ने कहा कि ज़रूरत यह थी कि 25-30 साल पहले, जब यह आइडिया पहली बार सामने आया था, हमें इसे उसी समय लागू कर देना चाहिए था।आज, हम इसे काफी मैच्योरिटी लेवल पर ले आए होते।ज़रूरत के हिसाब से, इसमें समय-समय पर सुधार होते, और आखिर यही तो डेमोक्रेसी की खूबसूरती है।
- 16 April 2026 3:08 PM IST
लोकसभा में पीएम मोदी महिला आरक्षण संशोधन बिल पर बोल रहे हैं।
LIVE: PM Shri @narendramodi’s remarks in the Lok Sabha. https://t.co/2foh38yuLl
— BJP (@BJP4India) April 16, 2026 - 16 April 2026 3:07 PM IST
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 25-30 साल पहले महिला आरक्षण पर फैसला होना चाहिए था। यह महत्वपूर्ण पल है और सभी सांसद इस विषय पर गंभीरता से विचार करें।
- 16 April 2026 2:16 PM IST
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसे 21 राज्य हैं जहां BJP और उसके सहयोगी सत्ता में हैं। इनमें से कितने राज्यों में महिला मुख्यमंत्री हैं? दिल्ली में उनकी जो एक महिला मुख्यमंत्री हैं, वह भी 'आधी मुख्यमंत्री' हैं, क्योंकि उनके पास कोई अधिकार नहीं है। दिल्ली से जुड़े सभी अधिकार केंद्र सरकार के पास हैं। इन 21 राज्यों में, BJP की महिला विधायकों का प्रतिशत कहीं भी 10 प्रतिशत से ज़्यादा नहीं है।
- 16 April 2026 2:09 PM IST
महिला आरक्षण संशोधन बिल पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने रहा कि BJP 'नारी' (महिलाओं) को अपना 'नारा' (स्लोगन) बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन क्या वह हमें बता सकती है कि उसके मूल संगठन, RSS में कितनी महिलाएं हैं?
- 16 April 2026 2:07 PM IST
BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि विपक्ष ने 2023 में अपने ही रुख से यू-टर्न ले लिया है। 2023 में वे महिला आरक्षण को तुरंत लागू करवाना चाहते थे, लेकिन अब जब सरकार महिला आरक्षण को तेज़ी से लागू करना चाहती है, तो वे परिसीमन का बहाना बनाकर इसका विरोध कर रहे हैं।परिसीमन के खिलाफ विपक्ष के गुमराह करने वाले और अराजक अभियान में ज़रा भी सच्चाई नहीं है। ये बिल दक्षिण के राज्यों को अब तक का सबसे बेहतरीन प्रस्ताव देते हैं। दक्षिण को अपने राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ज़रा भी नुकसान नहीं होगा।
परिसीमन पर रोक को 2026 तक इस आधार पर बढ़ाया गया था कि 2026 तक देश की आबादी स्थिर हो जाएगी। 1971 में, जब जनगणना हुई थी, तब हमारी आबादी 550 मिलियन थी। आज हम 140 मिलियन आबादी वाला देश हैं और विपक्ष परिसीमन का विरोध कर रहा है। यह बेतुका है। यह कैसी ज़िम्मेदार शासन व्यवस्था है, जब आबादी तीन गुना बढ़ गई है, लेकिन प्रतिनिधियों की संख्या 543 पर ही रोक दी गई है।
- 16 April 2026 1:21 PM IST
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह बिल उन राज्यों के भी खिलाफ है जिनकी आबादी कम है, जैसे कि पूर्वोत्तर के राज्य। सिर्फ़ इसलिए कि उनकी आबादी कम है, वे संसद में अपनी आवाज़ खो देंगे। इसी आवाज़ को बचाने के लिए इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी, दोनों ने लोकसभा में सीटों की संख्या को फ़्रीज़ कर दिया था।
हम फिर से मांग कर रहे हैं कि महिलाओं के लिए आरक्षण मौजूदा 543 सदस्यों वाली लोकसभा के भीतर ही लागू किया जाए, लेकिन इसके कार्यान्वयन को राजनीतिक परिसीमन प्रक्रिया के बहाने के तौर पर इस्तेमाल न किया जाए। मैं आपसे अपील करता हूँ कि संघीय ढांचे में असंतुलन पैदा न करें। मैं आपसे अपील करता हूँ कि परिसीमन पर बहुत ही गहन चर्चा की जाए और इसे इस तरह ज़बरदस्ती लागू न किया जाए।
- 16 April 2026 1:20 PM IST
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि असम में, परिसीमन के बाद हमारे पास एक लोकसभा सीट ऐसी है जिसमें 14 लाख वोटर हैं और दूसरी ऐसी है जिसमें 26 लाख वोटर हैं। इसका फ़ायदा किसे होगा? यह लोगों के फ़ायदे के लिए तो हो ही नहीं सकता, यह सिर्फ़ आपके (BJP के) फ़ायदे के लिए है। यह परिसीमन का पूरी तरह से राजनीतिक दुरुपयोग है। जो कुछ उन्होंने असम और J&K में परिसीमन के ज़रिए किया है, वही अब वे महिला आरक्षण का बहाना बनाकर राष्ट्रीय स्तर पर करना चाहते हैं।
संविधान का अनुच्छेद 81 यह प्रावधान करता है कि परिसीमन केवल 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर ही किया जा सकता है। आप अनुच्छेद 81 को कमज़ोर करके, अपनी मर्ज़ी की किसी भी जनगणना के आधार पर परिसीमन करना चाहते हैं। यह संवैधानिक कैसे है? यह विधेयक हमारे देश की संघीय संरचना के ख़िलाफ़ है।
- 16 April 2026 1:10 PM IST
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा अर्जुन राम मेघवाल जिस तरह से बोले, उससे ऐसा लगा कि यह पहली बार है जब महिलाओं के लिए आरक्षण लाया जा रहा है। सच तो यह है कि महिलाओं के लिए आरक्षण 2023 में ही सर्वसम्मति से पास हो गया था, और मेघवाल ने आज जो कुछ भी कहा, उसका 90 प्रतिशत हिस्सा वही था जो सरकार ने 2023 में कहा था। 2023 में विपक्ष ने यह मांग की थी कि महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू किया जाए और इसे परिसीमन (Delimitation) से न जोड़ा जाए। आज भी हमारा रुख वही है।
गृह मंत्री ने 2023 में कहा था कि जैसे ही 2024 के लोकसभा चुनाव खत्म होंगे, जनगणना कराई जाएगी, परिसीमन किया जाएगा और महिलाओं के लिए आरक्षण लागू कर दिया जाएगा। पिछले 2 सालों में ऐसा क्या बदल गया कि अब सरकार कह रही है कि जनगणना में समय लगेगा, इसलिए वह 2011 की जनगणना के आधार पर ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना चाहती है? गृह मंत्री ने कुछ समय पहले ही कहा था कि नई जनगणना शुरू हो चुकी है, तो फिर आप उसके आंकड़ों का इंतज़ार क्यों नहीं करते? सच तो यह है कि यह सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण की समर्थक नहीं है। अगर उन्होंने 2023 में हमारी बात मान ली होती, तो अब तक महिलाओं के लिए आरक्षण लागू हो चुका होता; इसे मौजूदा लोकसभा की 543 सांसदों की संख्या के भीतर ही दिया जा सकता था।
- 16 April 2026 12:50 PM IST
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कहा जब 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास हुआ था, तब विपक्ष ही चाहता था कि महिलाओं के लिए आरक्षण तुरंत लागू किया जाए; लेकिन उस समय ऐसा करना मुमकिन नहीं था, क्योंकि यह कानून 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आंकड़े प्रकाशित होने के बाद ही लागू किया जा सकता था। इन कानूनों का मकसद इसी कमी को दूर करना है, ताकि 2027 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार किए बिना ही आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को तेज़ किया जा सके। मेघवाल का कहना है कि 2027 की जनगणना के अंतिम आंकड़े 2028 से पहले उपलब्ध नहीं हो पाएंगे, इसलिए ये विधेयक 2011 की जनगणना के आधार पर ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने की अनुमति देंगे।

