
महिला आरक्षण पर चर्चा जारी, सरकार ने आधी रात जारी किया नोटिफिकेशन
पीएम मोदी ने एक्स (X) पर साझा किया विशेष संदेश। महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयकों पर शुक्रवार को चर्चा के समापन के बाद मत विभाजन (वोटिंग) होगा
नई दिल्ली: संसद के गलियारों में नारी शक्ति के सम्मान की गूंज आज अपने निर्णायक पड़ाव पर है। महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर सदन में देर रात तक गहन विमर्श चला। इस विधायी प्रक्रिया के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए देश की नारी शक्ति को नमन किया। कुल 33 फीसद महिला आरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि हमारी नारी शक्ति ही एक सशक्त और समर्थ भारत की वास्तविक पहचान है। उन्होंने देश की माताओं, बहनों और बेटियों की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और निस्वार्थ सेवाभाव के माध्यम से आज प्रत्येक क्षेत्र में भारतवर्ष का मान बढ़ा रही हैं। अपनी पोस्ट में पीएम मोदी ने एक संस्कृत श्लोक के माध्यम से मातृशक्ति की वंदना भी की...
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः।।
हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026
देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या ।
तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म… pic.twitter.com/QaWDfseIAN
संसद में देर रात तक चली ऐतिहासिक चर्चा
विधेयक पर चर्चा के दौरान संसद का माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा। चर्चा इतनी विस्तृत थी कि लोकसभा की कार्यवाही को कई बार आगे बढ़ाना पड़ा। देर रात तक सदन में बड़ी संख्या में सांसद उपस्थित रहे और अपने विचार साझा किए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विशेष रूप से महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और सदन में उनकी निरंतर उपस्थिति की प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि इसी बीच केंद्रीय विधि मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को गुरुवार रात (16 अप्रैल) से प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
पीएम मोदी की अपील और विपक्ष को गारंटी
प्रधानमंत्री ने गुरुवार को संसद के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे महिला आरक्षण से जुड़े इस संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करें। प्रधानमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जो भी दल या व्यक्ति इस ऐतिहासिक पहल का विरोध करेंगे, उन्हें इसकी राजनीतिक कीमत लंबे समय तक चुकानी पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय को राजनीति के तराजू में नहीं तौला जाना चाहिए। उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए कहा कि वे इस सुधार का श्रेय विपक्षी दलों को भी देने के लिए तैयार हैं। बशर्ते महिलाएं सशक्त हों।
परिसीमन की चिंताओं पर 'खरी-खरी'
कुछ सदस्यों द्वारा परिसीमन को लेकर जताई गई चिंताओं को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीटों के अनुपात और गणना की जो प्रक्रिया पहले से चली आ रही है, उसमें कोई असंतुलित बदलाव नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीटों की संख्या में वृद्धि उसी स्थापित अनुपात के अनुसार की जाएगी।
आज शाम 4 बजे होगा मत विभाजन (वोटिंग)
सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करने हेतु तीन प्रमुख विधेयक पेश किए हैं...
संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026
परिसीमन विधेयक 2026
संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026
गुरुवार देर रात 1:20 बजे तक चली चर्चा आज सुबह पुनः शुरू हुई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज शाम 4:00 बजे इन विधेयकों पर मत विभाजन किया जाएगा।
विपक्ष के सवाल और सरकार की मंशा
जहां सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि परिसीमन के साथ इसे जोड़कर सरकार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती है और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की हिस्सेदारी की अनदेखी की जा रही है। विपक्ष की मांग है कि इसे परिसीमन से मुक्त रखकर 2029 से ही वर्तमान 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।
संसद में संशोधनों और 2029 में इसके पूर्ण कार्यान्वयन पर जारी बहस के बीच, साल 2023 के मूल अधिनियम को 16 अप्रैल से लागू कर दिया गया है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है।

