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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: "3100 करोड़ गायब, बड़े लोगों पर हो जांच"

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: विहिप ने पुलिस में शिकायत कर विपक्ष से सबूत मांगे हैं। कांग्रेस का पलटवार - 16 करोड़ श्रद्धालुओं पर सिर्फ 84 करोड़ चढ़ावा कैसे? 3100 करोड़ की लूट हुई।


Janpath: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा लगातार गरमाता जा रहा है। मामले में हो रही जांच और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बीच सियासी पारा चरम पर है। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 'द फेडरल देश' के खास शो जनपथ पर एंकर ललित राय के साथ बातचीत की। उन्होंने बीजेपी, आरएसएस और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखे हमले किए और इस पूरे मामले को 'आस्था के साथ महापाप' करार दिया।


सुरेंद्र राजपूत के साथ हुई इस विशेष बातचीत के मुख्य अंश निम्नलिखित हैं:

विहिप की शिकायत पर बोले "हम जेल जाने से नहीं डरते"
विश्व हिंदू परिषद द्वारा अयोध्या पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और आरोप लगाने वाले विपक्षियों पर मुकदमा चलाने की मांग पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "यह हमें डराने और धमकाने की कोशिश है, जिसका हम स्वागत करते हैं। राम के नाम पर अगर हमारी बलि भी चढ़ती है, तो हमें कोई दिक्कत नहीं। जो सबूत हमारे पास, प्रियंका जी, संजय सिंह या अखिलेश जी के पास होंगे, हम देंगे।"

उन्होंने सवाल उठाया कि जो आरोप विपक्ष लगा रहा है, वही बात नृपेंद्र मिश्रा, ब्रजभूषण शरण सिंह और विनय कटियार भी कह रहे हैं। संविधान सबके लिए बराबर है, तो सिर्फ विपक्ष को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "हम बीजेपी की तरह राम के नाम का व्यापार करने वाले लोग नहीं हैं, जो वोटों की फसल बोएं और काटें। ये लोग सत्ता और लूट के लिए राम नाम जप रहे हैं।"

"16 करोड़ श्रद्धालु और सिर्फ 84 करोड़ चढ़ावा? यह मुमकिन नहीं"
चढ़ावे में हुई चोरी के गणित को समझाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, "मंदिर प्रशासन और सरकार कहती है कि 11 महीने में 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, लेकिन चढ़ावा सिर्फ 84 करोड़ रुपये दिखाया गया। इसका मतलब एक व्यक्ति का औसत चढ़ावा मात्र ₹5.74 पैसे हुआ, जो व्यावहारिक रूप से असंभव है।"

राजपूत ने अनुमान लगाते हुए कहा:

"अगर एक श्रद्धालु का औसत चढ़ावा कम से कम 100 या 200 रुपये भी मान लिया जाए, तो कुल चढ़ावा लगभग 3,200 करोड़ रुपये होना चाहिए था। लेकिन बैंक में सिर्फ 84 करोड़ रुपये जमा हुए। इस हिसाब से करीब 3,116 करोड़ रुपये का भारी अंतर है। यह पैसा कहाँ गया? एसआईटी सिर्फ छोटे घोटालों की जांच कर रही है, लेकिन ये हजारों करोड़ की लूट बड़े मगरमच्छों के पास गई है, जिनकी जांच नहीं हो रही।"

योगी आदित्यनाथ के बयानों और 'नैतिकता' पर पलटवार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कांग्रेस और सपा पर कारसेवकों पर गोली चलवाने और नैतिकता के अधिकार पर उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए राजपूत ने कहा, "बीजेपी हमें नैतिकता का पाठ न पढ़ाए। सदन में खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने स्वीकार किया था कि कारसेवक गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 8 या 16 के आसपास थी, लेकिन अखबारों और बीजेपी ने इसे सैकड़ों में दिखाकर झूठ फैलाया।"

उन्होंने आगे जोड़ा कि जिस नृपेंद्र मिश्रा ने उस समय गोली चलाने का आदेश दिया था, वे बाद में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के प्रमुख सचिव रहे और आज मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। राजपूत ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी जी प्रधानमंत्री के करीबी हैं, इसलिए इतनी बड़ी अनियमितता के बाद भी उन पर कोई आंच नहीं आ रही है।

"बीजेपी के अहंकार को राम जी ही वनवास भेजेंगे"
आगामी 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों में इस मुद्दे के सियासी असर और बीजेपी नेताओं के रोड शो पर बात करते हुए सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "ताकतवर को उसका अहंकार मारता है। बीजेपी के लोग आज अहंकारी हो चुके हैं और जनता को मूर्ख समझ रहे हैं। रावण का अहंकार नहीं रहा, तो इनका क्या रहेगा।"

उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस राम को सियासत में नहीं लाना चाहती। राम हमारे आराध्य हैं। राम जी के नाम का झूठा सहारा लेकर जो लोग सत्ता में आए थे, उन्हें प्रभु श्री राम और देश की जनता खुद वनवास भेजेगी।



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