अमित शाह का बयान या परिसीमन? मानसून सत्र में आर-पार की जंग
द फ़ेडरल देश में मनीष कुमार और पुनीत निकोलस यादव के साथ देखिए परिसीमन बिल, 131वें संविधान संशोधन, राहुल गांधी से किरण रिजिजू की मुलाकात और 360 के जादुई आंकड़े के पीछे चल रहे जोड़-तोड़ का विस्तृत विश्लेषण।
Janpath: संसद का मानसून सत्र राम मंदिर चंदा चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को लेकर लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। इस बीच, मोदी सरकार ने एक बड़ा रणनीतिक दांव खेलते हुए परिसीमन (Delimitation) और 131वें संविधान संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण व लोकसभा सीट विस्तार) को फिर से पटल पर लाने की तैयारी शुरू कर दी है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस गतिरोध को तोड़ने और 15 अगस्त के बाद विशेष 3-दिवसीय सत्र के प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से अहम मुलाकात की है।
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के शो 'जनपथ' में एंकर मनीष कुमार ने द फ़ेडरल के पॉलिटिकल एडिटर पुनीत निकोलस यादव के साथ इस पूरे घटनाक्रम, पर्दे के पीछे चल रही सियासी बिसात और 2/3 बहुमत के आंकड़ों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया।
1. 17 अप्रैल के झटके के बाद रिजिजू का राहुल-प्रियंका से संपर्क: क्या है सरकार का मास्टरप्लान?
17 अप्रैल 2026 को जब संसद में 131वां संविधान संशोधन विधेयक आवश्यक दो-तिहाई (2/3) बहुमत न होने के कारण गिर गया था, उसके बाद यह पहला मौका है जब सरकार ने कांग्रेस नेतृत्व से सीधा संपर्क साधा है।
131वें संशोधन बिल के 3 मुख्य स्तंभ:
लोकसभा सीटों का विस्तार: लोकसभा की कुल सदस्य संख्या को 543 से बढ़ाकर 850 करना।
परिसीमन का नया फॉर्मूला: 2026 के बाद होने वाली पहली जनगणना के आधार पर परिसीमन की संवैधानिक व्यवस्था में बदलाव करना।
महिला आरक्षण का क्रियान्वयन: सितंबर 2023 में पास हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बढ़ी हुई सीटों के साथ तुरंत धरातल पर उतारना।
15 अगस्त के बाद विशेष 3-दिवसीय सत्र की तैयारी: सरकार का प्रस्ताव है कि मानसून सत्र को 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Adjourn Sine Die) न करके केवल सामान्य स्थगित किया जाए और 15 अगस्त के ठीक बाद (16-18 या 17-19 अगस्त) 3 दिनों का विशेष सत्र बुलाकर इन विधेयकों पर बहस कराई जाए।
2. 'मैन्युफैक्चर्ड मेजॉरिटी' के बावजूद आंकड़ों का गणित: क्या 360 का आंकड़ा हासिल कर पाएगी NDA?
17 अप्रैल को जब बिल गिरा था, तब एनडीए को केवल 298 वोट मिले थे, जबकि 2/3 बहुमत के लिए 360 वोटों की आवश्यकता थी। इसके बाद सरकार ने विपक्षी दलों में सेंधमारी की कोशिशें तेज कीं।
हालिया तोड़-फोड़ और नया आंकड़ा: आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसद, TMC के 20 लोकसभा सांसद (NCPI के तहत) और शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के पाला बदलने के बाद एनडीए का आंकड़ा 298 से बढ़कर 324 तक पहुंचा है।
DMK और शरद पवार की NCP पर नजर:
यदि 22 सांसदों वाली DMK सरकार का समर्थन करती है, तो आंकड़ा 346 पहुंचेगा (तब भी 14 सांसद कम रहेंगे)।
यदि DMK वोटिंग से अनुपस्थित (Abstain) रहती है, तो बहुमत का पैमाना घट कर 345 होगा, लेकिन एनडीए के पास फिर भी 21 सांसदों की कमी (Deficiency) रहेगी।
शरद पवार गुट की NCP से सुप्रिया सुले ने साफ कर दिया है कि बिना संशोधित ड्राफ्ट देखे कोई समर्थन संभव नहीं है।
3. राहुल गांधी का दोटूक रुख: "गृहमंत्री का बयान और चंदा चोरी पर जवाब पहले, बिल बाद में"
किरण रिजिजू के साथ 20-25 मिनट चली मुलाकात में राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि कांग्रेस और समूचा विपक्ष सरकार के इस प्रस्ताव पर आसानी से सहमत नहीं होगा।
गैर-समझौतावादी (Non-Negotiable) शर्तें:
गृहमंत्री अमित शाह का बयान: 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों और बेटियों पर हुए पुलिसिया लाठीचार्ज, पेलेट गन व इलेक्ट्रिक बेटन के इस्तेमाल पर गृहमंत्री संसद में आधिकारिक बयान दें।
राम मंदिर चंदा चोरी पर बहस: राम मंदिर ट्रस्ट में हुई कथित चंदा चोरी पर सरकार सदन में खुलकर चर्चा कराए।
सदन से गायब गृहमंत्री पर सवाल: विपक्ष ने तंज कसा कि अमित शाह रोज संसद भवन परिसर और अपने कार्यालय में आते हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के अपने बिल लिस्ट होने के बावजूद सदन में आकर सवालों का सामना करने से बच रहे हैं। FCRA या परिसीमन जैसे किसी भी बिल पर चर्चा गृहमंत्री के बयान के बाद ही संभव होगी।
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