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'जनपथ': अमित मालवीय की छुट्टी, स्मृति ईरानी की वापसी से BJP में बड़े फेरबदल

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने घोषित की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी। स्मृति ईरानी बनीं महामंत्री, अमित मालवीय की छुट्टी और राम माधव की उपाध्यक्ष पद पर वापसी।


Janpath: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (जिन्होंने इसी वर्ष जनवरी में पदभार संभाला था) ने अपने कार्यकाल के सात महीने बाद अपनी नई केंद्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। संसद के मानसून सत्र के समापन के तुरंत बाद घोषित इस नई टीम में कई बड़े रणनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं।


डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के विशेष कार्यक्रम 'जनपथ' में वरिष्ठ पत्रकार पुनीत निकोलस यादव (पॉलिटिकल एडिटर, द फ़ेडरल) और वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन अग्रवाल ने इस नई सूची के राजनीतिक मायनों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रभाव और आगामी विधानसभा चुनावों के समीकरणों का विस्तृत विश्लेषण किया।

नई टीम के 5 सबसे बड़े फेरबदल
स्मृति ईरानी की बड़ी वापसी: लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद नेपथ्य में दिख रहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को संगठन में राष्ट्रीय महामंत्री (General Secretary) बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। राष्ट्रीय महामंत्रियों की सूची में वह इकलौती महिला नेता हैं।

अमित मालवीय की छुट्टी: हालिया दौर में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलनों, पेपर लीक और सोशल मीडिया पर पार्टी के रक्षात्मक स्थिति में आने के चलते विवादों में घिरे अमित मालवीय को IT सेल/सोशल मीडिया संयोजक के पद से हटा दिया गया है।

राम माधव की वापसी और संघ (RSS) की छाप: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पृष्ठभूमि वाले नेताओं को तरजीह दी गई है। राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त (वी.डी.) शर्मा को पार्टी के सभी प्रकोष्ठों (Cells) का कॉमन संयोजक बनाया गया है।

अरुण सिंह की जगह तरुण चुग: लंबे समय से भाजपा मुख्यालय का काम संभाल रहे और राजनाथ सिंह के रिश्तेदार राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह को सूची से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह पंजाब के तरुण चुग को राष्ट्रीय मुख्यालय का नया प्रभारी बनाया गया है।

पीयूष गोयल नए कोषाध्यक्ष: 77 वर्षीय पूर्व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल (अस्वस्थता/आयु सीमा) की जगह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों का संतुलन
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए टीम में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है:

उत्तर प्रदेश से प्रमुख चेहरे
: हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। बुलंदशहर सांसद भोला सिंह, संगीता यादव, अल्पसंख्यक चेहरे के रूप में कुंवर बासित अली और राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य (OBC मोर्चा संयोजक) को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। पूर्व वीसी डॉ. तारिक मंसूर को उपाध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है।

महिला प्रतिनिधित्व: राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी और रेखा वर्मा को बनाए रखा गया है। पार्टी के 13 उपाध्यक्षों में 6 महिलाएं शामिल हैं।

नई सूची के प्रमुख राजनीतिक मायने
संघ और संगठन का संतुलन: विश्लेषकों का मानना है कि खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पृष्ठभूमि संघ (RSS) की रही है, इसलिए सूची में वैचारिक मजबूती पर जोर स्पष्ट दिखता है। साथ ही किसी एक बड़े नेता का एकतरफा वर्चस्व स्थापित न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

सोशल मीडिया रणनीति में बदलाव: हालिया छात्र आंदोलनों और विभिन्न विवादों में हुई फजीहत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नए दृष्टिकोण की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसकी गाज अमित मालवीय पर गिरी है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत: पीयूष गोयल और डी. पुरंदेश्वरी जैसे नेताओं को संगठन में पद दिए जाने के बाद अब जल्द ही मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार के कयास तेज हो गए हैं।


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