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वाराणसी में योगी की रैली में खाली कुर्सियां, BJP सर्वे में 180 सीटों का झटका

द फ़ेडरल देश के शो 'जनपथ' में एंकर मनीष कुमार ने वाराणसी में सीएम योगी की रैली में खाली कुर्सियों, बीजेपी के आंतरिक सर्वे और संसद में चंदा चोरी हंगामे पर बड़ा विश्लेषण किया है।


Janpath: उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'संत रविदास समरसता संकल्प रैली' में खाली पड़ी कुर्सियों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक बवंडर खड़ा हो गया है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के चर्चित टॉक शो 'जनपथ' में एंकर मनीष कुमार ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम और लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार नितिन श्रीवास्तव के साथ इस मुद्दे, बीजेपी के इंटरनल सर्वे और संसद में गूंज रहे 'चंदा चोरी' के विवाद पर तीखा विश्लेषण पेश किया।


1. पीएम के गढ़ वाराणसी में योगी की रैली फ्लॉप? 70% कुर्सियां खाली रहने पर उठे सवाल
'जनपथ' के इस एपिसोड में एंकर मनीष कुमार ने वाराणसी से आई उन तस्वीरों पर चर्चा की, जिसने सत्ताधारी बीजेपी के खेमे में गहरी चिंता पैदा कर दी है। वाराणसी के समरसता संकल्प कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंच पर पहुँचे, तो विशाल पंडाल में 70 फीसदी कुर्सियां खाली थीं और केवल 30% सीटें ही भरी नज़र आईं।

वरिष्ठ पत्रकार नितिन श्रीवास्तव ने 'जनपथ' में कहा:

"वाराणसी कोई सामान्य जिला नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यहाँ से योगी सरकार के तीन-तीन मंत्री आते हैं। उत्तर प्रदेश में चुनाव से ठीक 6 महीने पहले अगर बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में ऐसी स्थिति बनती है, तो यह पार्टी के लिए बेहद गंभीर घंटी है। यह इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता सरकार से बुरी तरह असंतुष्ट हैं।"

2. बीजेपी के आंतरिक सर्वे का बड़ा खुलासा: 180 सीटों पर सिमट सकती है बीजेपी!
शो के दौरान एंकर मनीष कुमार ने 'द फ़ेडरल देश' की उस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट और राष्ट्रीय दैनिकों में छपी खबरों का हवाला दिया, जिसमें बीजेपी के एक आंतरिक सर्वे के हवाले से दावा किया गया है कि राज्य में बीजेपी की स्थिति पतली हो रही है।

सर्वे का अनुमान: उत्तर प्रदेश में अगर आज चुनाव होते हैं तो बीजेपी केवल 180 सीटों के आसपास सिमट सकती है, जो कि बहुमत (202 सीट) के आंकड़े से काफी नीचे है।

सपा का दावा: शो में जुड़े समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम ने दावा किया कि बीजेपी का असली ग्राफ 100 सीटों से भी नीचे जाने वाला है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि इस बार चुनाव 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और विकास के बुनियादी मुद्दों जैसे रोजगार, पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर लड़ा जाएगा।

3. दलित-ओबीसी समाज में असंतोष: संत रविदास रैली में क्यों नहीं आई भीड़?
'जनपथ' में इस बात पर भी मंथन किया गया कि संत रविदास के नाम पर निकाली जा रही यात्राओं के बावजूद दलित और पिछड़ा वर्ग बीजेपी से दूरी क्यों बना रहा है।

सपा प्रवक्ता मोहम्मद आजम ने आरोप लगाया कि सरकार संत रविदास जी के नाम पर सिर्फ चुनावी राजनीति कर रही है। मेरठ में दलित बेटी की हत्या के बाद न्याय माँगने पहुँचे लोगों के साथ पुलिस बर्बरता और अधिकारियों द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की कथनी और करनी का अंतर जनता समझ चुकी है। इसके अलावा, राज्य में दलित और पिछड़े प्रशासनिक अधिकारियों को लूप लाइन में डालने का मुद्दा भी जनता के बीच गहरी नाराजगी की वजह बन रहा है।

4. संसद से सड़क तक 'चंदा चोरी' का जिन्न: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर घिरी सरकार
'जनपथ' के अंतिम हिस्से में संसद भवन से आई उन तस्वीरों पर बात हुई जहाँ निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु की वेशभूषा में हाथ में 'दान पेटी' लेकर पहुँचे थे और विपक्षी सांसद उसमें पैसे डालकर "चंदा चोर गद्दी छोड़" के नारे लगा रहे थे।

पत्रकार नितिन श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार भले ही यह दावा करे कि एसआईटी जांच चल रही है, लेकिन एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल विवाद, नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दे सीधे आम नागरिक और श्रद्धालुओं से जुड़े हैं। विपक्ष इन मुद्दों पर लगातार घेराबंदी कर रहा है और इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति पर दिखाई दे रहा है।


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