झारखंड में छात्रों की बड़ी जीत, CM सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान
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झारखंड में छात्रों की बड़ी जीत, CM सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने का किया ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी.


झारखंड में आंदोलनकारी छात्रों की बड़ी जीत हुई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को टीडीपीएल के संचालन में हुईं, जेएसएससी-सीजीएल की परीक्षाओं को रद्द करने का फै़सला किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "आज हमने इस मामले को सुलझाने के लिए कैबिनेट की एक खास बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान खोजने के बाद, हमने TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं, TDPL द्वारा जारी नतीजों और TDPL के ज़रिए किसी भी उम्मीदवार के चयन या भागीदारी को रद्द करने का फ़ैसला किया है। इस सिलसिले में TDPL की सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं।" उन्होंने कहा कि 2014 से जितनी भी छोटी बड़ी गलतियां हुई हैं सभी की जांच होगी।

राहुल गांधी ने लिखी थी सोरेन को चिट्ठी

इससे पहले राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के सिलसिले में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अपील की थी कि वह प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और उनके मुद्दे के समाधान के लिए उचित कदम उठाएं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और उनकी मांगें जायज हैं।

सोरेन को लिखे पत्र में गांधी ने कहा कि देश के युवा उसका भविष्य हैं और ‘‘संकट की इस घड़ी में हमें उनके साथ एकजुटता और समर्थन जताना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी का मानना है कि संविधान में निहित शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार हमारे लोकतंत्र के केंद्रीय स्तंभों में से एक है। इसलिए, हमने पिछले कुछ महीनों में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को अपना पूरा समर्थन दिया है।’’

मुख्यमंत्री ने और क्या-क्या कहा?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, "मैं इन युवाओं को अलग-अलग समूहों के तौर पर नहीं देखता। वे सभी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सरकार सुधारों को लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी। परीक्षा आयोजित करने के लिए पहले से ही एक SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) मौजूद है, और अगर उसका पालन किया गया होता, तो ये गड़बड़ियां नहीं होतीं। फिर भी, मिले सुझावों के आधार पर और सुधार किए जाएंगे। छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सुझाव लेने के लिए एक पोर्टल भी शुरू किया गया है, और इन सुझावों को विशेषज्ञों के साथ साझा किया जाएगा।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड में काम कर रही कई कंपनियाँ एक बड़े परीक्षा रैकेट में शामिल हो सकती हैं। झारखंड सरकार 'माइंस एंड मिनरल्स अमेंडमेंट बिल' पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकती है।"

आंदोलन जारी रहेगा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक झारखंड नौकरी परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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