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13 साल बाद SRCC पहुंचे PM मोदी! 'जनपथ' में ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट

शिक्षक दिवस पर SRCC के शताब्दी समारोह में पहुंचे PM नरेंद्र मोदी। 2013 का भाषण बनाम मौजूदा छात्र आंदोलन; 'जनपथ' में मनीष कुमार और प्रदीप सहगल का लाइव विश्लेषण।


Janpath: शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 साल के लंबे अंतराल के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। अवसर था कॉलेज के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित शताब्दी समारोह का, जहां प्रधानमंत्री ने छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मेट्रो की सवारी कर विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, जिसे लेकर पूरे नॉर्थ कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद रखी गई थी।

डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'द फ़ेडरल देश' के खास लाइव शो 'जनपथ' में एंकर मनीष कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद संवाददाता प्रदीप सहगल के साथ इस दौरे, सुरक्षा व्यवस्था, छात्रों के मौजूदा मूड और इसके सियासी-सामाजिक संदर्भों पर विस्तृत पड़ताल पेश की।

ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट: भारी सुरक्षा घेरा और नॉर्थ कैंपस में जाम

डीयू परिसर से सीधे जुड़े संवाददाता प्रदीप सहगल ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे:

300 मीटर पहले कॉर्डन ऑफ: एसआरसीसी से करीब 300 मीटर पहले ही सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी थी।

आवाजाही पर पाबंदी: पैदल यात्रियों, आम छात्रों और मीडिया के वाहनों तक के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे, जिसके चलते पूरे विश्वविद्यालय मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

सख्त जांच: कार्यक्रम स्थल पर केवल आमंत्रित छात्रों, शिक्षकों और अधिकृत प्रतिनिधियों को ही गहन जांच के बाद प्रवेश दिया गया।

2013 बनाम आज: बदला हुआ सियासी मिजाज और छात्र राजनीति

'जनपथ' में चर्चा के दौरान 13 साल पहले के उस ऐतिहासिक संबोधन को याद किया गया, जब 6 फरवरी 2013 को गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने एसआरसीसी के इसी मंच से भाषण दिया था। उस समय उनका 'आधा भरा और आधा खाली गिलास' वाला बयान राष्ट्रीय विमर्श में छा गया था, जिसने युवाओं को विकास का एक नया विज़न दिया था।

हालांकि, 13 साल बाद जब प्रधानमंत्री दोबारा उसी कॉलेज के शताब्दी समारोह के मंच पर पहुंचे, तो परिदृश्य पूरी तरह बदला हुआ दिखाई दिया:

पेपर लीक और छात्र असंतोष: हाल के दिनों में पेपर लीक विवादों, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनिश्चितता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जंतर-मंतर पर हुए बड़े छात्र आंदोलनों ने युवाओं (Gen-Z और Gen-Alpha) के बीच असंतोष को सतह पर ला दिया है।

सरकार पर दबाव और संवाद का प्रयास: जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई और संसद के मानसून सत्र में शिक्षा सुधारों को लेकर विपक्ष के तीखे हमलों के बाद सरकार असहज स्थिति में थी। ऐसे संवेदनशील माहौल में शिक्षक दिवस के दिन सीधे देश के अग्रणी कॉलेज के छात्रों के बीच पहुंचना एक महत्वपूर्ण आउटरीच माना जा रहा है।

विपक्ष का पलटवार: प्रधानमंत्री के संबोधन के समानांतर छात्र राजनीति से उभरे कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षा के वास्तविक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की गई।

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