हंतावायरस का अंतरराष्ट्रीय संकट: एमवी होंडियस पर मौत और कूटनीति की जंग
x

हंतावायरस का अंतरराष्ट्रीय संकट: एमवी होंडियस पर मौत और कूटनीति की जंग

कैनरी द्वीप के तट पर फंसे एमवी होंडियस जहाज से यात्रियों की निकासी शुरू। स्पेन और स्थानीय सरकार में विवाद के बाद खुली राह। दो भारतीय यात्री भी जहाज पर मौजूद।


Click the Play button to hear this message in audio format

Hantavirus : अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ 'एमवी होंडियस' क्रूज शिप के लिए किसी ने नहीं सोचा था कि ये एक तैरते हुए अस्पताल और मौत के साये में बदल जाएगा। 2 मई को जब जहाज पर पहले संदिग्ध मामले का पता चला, तब तक वायरस अपनी जड़ें जमा चुका था। नीदरलैंड के झंडे वाले इस जहाज पर कुल 142 लोग सवार थे। अब तक हंतावायरस की वजह से 3 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें एक डच महिला और जहाज का खुद का फिजिशियन शामिल है। इस त्रासदी ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्पेन बनाम कैनरी द्वीप: राजनीति और नैतिकता की भिड़ंत

जहाज पर सवार जिंदगियों से ज्यादा चर्चा स्पेन की आंतरिक राजनीति की हो रही है। कैनरी द्वीप के राष्ट्रपति फर्नांडो क्लाविजो ने सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए जहाज को डॉक करने से मना कर दिया था। उनका तर्क था कि पर्यटन पर निर्भर यह क्षेत्र एक और महामारी का जोखिम नहीं उठा सकता। इसके विपरीत, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इसे मानवीय आधार पर 'नैतिक दायित्व' माना। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्रेयेसस ने सांचेज़ के रुख की सराहना की, जिससे स्थानीय और केंद्रीय सरकार के बीच दरार और चौड़ी हो गई।

भारत का सुरक्षा घेरा और निगरानी

जहाज पर मौजूद दो भारतीय नागरिक फिलहाल स्वस्थ बताए जा रहे हैं, लेकिन भारत सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ा दी है। भारतीय यात्रियों की वापसी के लिए विशेष 'बायो-बबल' प्रोटोकॉल तैयार किया जा रहा है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि वापसी के दौरान वे किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में न आएं। भारत उन यात्रियों को भी ट्रैक कर रहा है जिन्होंने पिछले एक महीने में इस क्रूज का सफर किया था।

अमेरिका और यूरोप की सैन्य स्तर पर तैयारी

अमेरिका ने अपने नागरिकों को सीधे नेब्रास्का के हाई-लेवल बायो-कंटेनमेंट सेंटर में शिफ्ट करने का फैसला किया है। ब्रिटेन और फ्रांस ने भी अपने सैन्य विमानों को टेनेरिफ हवाई अड्डे पर तैनात कर दिया है। फ्रांस का नियम सबसे सख्त है; वहां के यात्रियों को 72 घंटे अस्पताल में रहने के बाद 45 दिनों का कड़ा क्वारंटीन भुगतना होगा। नॉर्वे ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ मिलकर एक 'एम्बुलेंस प्लेन' भेजा है, जो विशेष रूप से उच्च-जोखिम वाले संक्रामक मरीजों के लिए डिजाइन किया गया है।

लापता यात्रियों की 'ट्रेसिंग' एक बड़ी चुनौती

स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता वे यात्री हैं जो 2 मई से पहले ही केप वर्डे या अन्य बंदरगाहों पर जहाज से उतर गए थे। ये लोग अब दुनिया के अलग-अलग कोनों में जा चुके हैं। स्वास्थ्य एजेंसियां अब इन 'साइकिल ऑफ इन्फेक्शन' को तोड़ने के लिए पैसेंजर मैनिफेस्ट की जांच कर रही हैं। हंतावायरस का इनक्यूबेशन पीरियड लंबा हो सकता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

मानवता और कूटनीति की परीक्षा

यह घटना केवल एक वायरस की खबर नहीं है। यह दिखाती है कि कैसे संकट के समय 'करुणा की भाषा' राजनीतिक दबाव के आगे कमजोर पड़ने लगती है। एक पर्यटक जहाज रातों-रात एक 'जियोपॉलिटिकल हॉट पोटैटो' बन गया, जिसे कोई भी देश अपने तट पर स्वीकार करने को तैयार नहीं था। आखिरकार, मानवीय संवेदनाओं की जीत हुई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन इसने भविष्य के लिए कई कड़वे सबक छोड़ दिए हैं।

Read More
Next Story