
INDIA ब्लॉक ने बनाया आंदोलन का रोडमैप, चुनाव आयोग और SIR पर देशभर में अभियान का ऐलान
INDIA ब्लॉक की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। इसमें अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग, SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच INDIA ब्लॉक ने अब साझा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है। बुधवार, 30 सितंबर को दिल्ली में हुई विपक्षी गठबंधन की अहम बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 2 अक्टूबर से जिला स्तर पर अभियान शुरू करने, 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च और अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगने समेत कई कार्यक्रमों का ऐलान किया। नवंबर में दिल्ली में बड़ी रैली की योजना भी बनाई गई है।
साढ़े तीन घंटे चली INDIA ब्लॉक की बैठक
खड़गे के मुताबिक, INDIA ब्लॉक की बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। इसमें अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग, SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने सुझाव दिए। उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक से पहले ही चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR, मतदाता सूची और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद इसके प्रमुख एजेंडे में शामिल थे। हाल के दिनों में विपक्ष इन मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रहा था।
चुनाव आयोग पर खड़गे के गंभीर आरोप
बैठक के बाद खड़गे ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने वोटों की कथित चोरी का आरोप भी लगाया। ये कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। चुनाव आयोग इससे पहले SIR से जुड़े अपने फैसलों का बचाव करता रहा है और आयोग का कहना रहा है कि उसके फैसले कानून के मुताबिक लिए गए हैं।
2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’
INDIA ब्लॉक ने अब इस मुद्दे को जिला स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। खड़गे के मुताबिक, 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ आयोजित किया जाएगा। इसमें INDIA ब्लॉक के कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं, गैर-सरकारी संगठनों और संविधान तथा लोकतंत्र से जुड़े समूहों को शामिल करने की योजना है।
खरगे ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किए जाएंगे और लोगों को बताया जाएगा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल क्यों उठा रहा है।
6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
विपक्ष के अगले कार्यक्रम के तहत 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद ‘मार्च टू इलेक्शन कमीशन’ करेंगे। खड़गे के मुताबिक, पहले यह मार्च 30 सितंबर को ही करने पर विचार था, लेकिन सभी विपक्षी सांसदों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसकी तारीख 6 अक्टूबर रखी गई।
इसके बाद विपक्षी नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे। विपक्ष की योजना चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े अपने सवाल राष्ट्रपति के सामने रखने की है।
नवंबर में दिल्ली में बड़ी रैली की तैयारी
INDIA ब्लॉक ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी सार्वजनिक रैलियों की भी योजना बनाई है। खड़गे ने कहा कि एक बड़ी रैली अक्टूबर-नवंबर के दौरान आयोजित की जाएगी, जबकि 1 नवंबर से दिल्ली में भी बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों पर भी चर्चा
खड़गे ने कहा कि INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निपटारे की अपील भी करेंगे। उनका कहना है कि मामलों के लंबे समय तक लंबित रहने से संबंधित मतदाताओं और जनता पर असर पड़ सकता है।
SIR विवाद क्यों बना विपक्ष का बड़ा मुद्दा?
INDIA ब्लॉक की यह बैठक ऐसे समय हुई है,जब SIR और मतदाता सूचियों को लेकर चुनाव आयोग विपक्ष के निशाने पर है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने और सत्यापन की प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल हैं। कांग्रेस ने SIR से पहले की मतदाता सूचियों के इस्तेमाल और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता जैसी मांगें भी उठाई हैं।
इस विवाद को तब और बल मिला जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब दस महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। विपक्ष इन्हीं रिपोर्टों को आधार बनाकर चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है।

