
असम: हिमंत बिस्वा सरमा 12 मई को फिर बनेंगे मुख्यमंत्री
गुवाहाटी में एनडीए विधायक दल के नेता चुने गए हिमंत बिस्वा सरमा। 102 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। पीएम मोदी रहेंगे मौजूद।
Himanta Biswa Sarma's Oath on 12 May : असम विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद रविवार, 10 मई को हिमंत बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से भाजपा और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इस निर्णय के साथ ही उनके लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। सरमा असम के इतिहास में पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री होंगे, जो लगातार दो कार्यकाल के लिए सत्ता संभालेंगे।
विधायक दल का नेता चुने जाने के तुरंत बाद, हिमंत बिस्वा सरमा ने केंद्रीय पर्यवेक्षक जेपी नड्डा और सह-पर्यवेक्षक नायब सिंह सैनी के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को 102 विधायकों के समर्थन वाला पत्र सौंपा और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया।
विपक्ष का सूपड़ा साफ, एनडीए को बहुमत
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर 82 सीटें जीती हैं, जो राज्य के इतिहास में उसका अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 10-10 सीटों पर जीत दर्ज की है।
दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन केवल 21 सीटों पर सिमट गया है। कांग्रेस को महज 19 सीटें मिली हैं, जो उसका अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है। एआईयूडीएफ (AIUDF) जैसी पार्टियां भी इस चुनाव में पूरी तरह विफल रहीं और केवल 2 सीटों तक सीमित रह गईं।
12 मई को शपथ ग्रहण समारोह
नयी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता शामिल होंगे। शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं और इसे राज्य में 'विकास के तीसरे अध्याय' के रूप में देखा जा रहा है।
विकास और सुशासन का रिपोर्ट कार्ड
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में असम ने केंद्र की योजनाओं को जमीन पर उतारने में मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच सालों में सरकार और भी अधिक सक्रिय, जवाबदेह और 'रिपोर्ट कार्ड' आधारित शासन पर जोर देगी।
भाजपा का लक्ष्य अगले कार्यकाल में असम को भारत के पूर्वी द्वार के रूप में विकसित करना है। सरकार के एजेंडे में बुनियादी ढांचे का विकास, निवेश बढ़ाना और युवाओं को रोजगार के अवसर देना प्राथमिकता रहेगी। हिमंत बिस्वा सरमा ने भी जीत के बाद जनता का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत असम के लोगों के अटूट विश्वास का परिणाम है।
क्षेत्रीय दलों का मजबूत साथ
एजीपी प्रमुख अतुल बोरा और बीपीएफ नेता रिहोन दैमारी ने व्यक्तिगत रूप से राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपे। इन दलों का मानना है कि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में क्षेत्रीय हितों और विकास के बीच एक बेहतर संतुलन बना रहा है। एनडीए की इस एकजुटता ने विपक्ष की हर रणनीति को नाकाम कर दिया है।
(एजेंसी के इनपुट के साथ)
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