
नीट विवाद: धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा, 6 जून को CJP का हल्ला बोल
22 मिलियन फॉलोअर्स वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस. पेपर लीक से 1 करोड़ युवा प्रभावित होने का दावा; जंतर-मंतर पर शांतपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान.
Cockroach Janta Party: नीट (NEET UG 2026) समेत कई परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ सोशल मीडिया पर शुरू हुआ युवाओं का गुस्सा अब दिल्ली की सड़कों पर उतरने को तैयार है. ऑनलाइन लॉन्चिंग के महज दो हफ्ते के भीतर देश भर के युवाओं के बीच सनसनी बनने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने बुधवार (3 जून 2026) को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के प्रवक्ताओं ने देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक को लेकर सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. CJP ने दावा किया कि इन संस्थागत लापरवाहियों और पेपर लीक के घोटालों ने देश के लगभग 1 करोड़ युवाओं का भविष्य अधर में लटका दिया है. CJP ने साफ किया कि उनका यह आंदोलन इस "अक्षम सिस्टम और इसे चलाने वाले लोगों" के खिलाफ है, और उन्होंने सत्ताधारी भाजपा (BJP) समेत देश के सभी राजनीतिक दलों को इस युवा आंदोलन से जुड़ने का खुला न्योता दिया है.
'अधिकारियों का तबादला महज आंखों में धूल झोंकना'; 8 लाख लोगों ने किए इस्तीफे के पिटीशन पर दस्तखत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के तीन आधिकारिक प्रवक्ताओं - खोजी पत्रकार सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता), राजनीतिक शोधकर्ता व फिल्म निर्माता विजेता दहिया, और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र व मैनेजमेंट कंसलटेंट आशुतोष रांका ने मीडिया को संबोधित किया.
अफसरों के ट्रांसफर पर सवाल: मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, "धर्मेंद्र प्रधान जी के खिलाफ चलाए जा रहे पिटीशन पर अब तक 8 लाख से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं. लेकिन इतनी बड़ी धांधली के बाद भी असली दोषियों को कोई सजा नहीं दी गई है. कार्रवाई के नाम पर महज दो सचिवों (Secretaries) का तबादला कृषि मंत्रालय में कर दिया गया, जो पूरी तरह से जनता की आँखों में धूल झोंकने (Eyewash) के बराबर है."
जवाबदेही की मांग: दास ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर युवाओं से संवाद करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पूरे देश से युवाओं का समर्थन इस आंदोलन को मिल रहा है क्योंकि सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है.
6 जून को जंतर-मंतर पर महा-आंदोलन; अमेरिका से लौट रहे हैं फाउंडर अभिजीत दिपके
CJP ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार, 6 जून 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक बड़े "शांतिपूर्ण प्रदर्शन" (Peaceful Protest) का आह्वान किया है.
पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने से लेंगे अनुमति: सौरव दास ने बताया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को सुबह 8 बजे अमेरिका से दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिसके बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन से इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति मांगी जाएगी.
लोकतंत्र पर सुलगते सवाल: प्रवक्ता विजेता दहिया ने कहा कि पेपर लीक और अपना भविष्य बर्बाद होने के चलते कई छात्र आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा रहे हैं, लेकिन सरकार जवाब देने को तैयार नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया, "क्या हम अब भी एक लोकतंत्र में रह रहे हैं? चुने हुए प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय राजाओं की तरह व्यवहार नहीं कर सकते."
क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और CJI के किस बयान से भड़का यह आंदोलन?
'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई आधिकारिक रूप से पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह भारत के 'जेन-जी' (Gen Z) और युवाओं द्वारा बेरोजगारी, महंगाई और पेपर लीक जैसे मुद्दों के खिलाफ शुरू किया गया एक व्यंग्यात्मक (Satirical) और बेहद आक्रामक डिजिटल अभियान है.
बीजेपी से भी ज्यादा फॉलोअर्स: मई के महीने में यह आंदोलन सोशल मीडिया पर इस कदर वायरल हुआ कि महज कुछ ही दिनों में इसके इंस्टाग्राम पर 22 मिलियन (2.2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए, जो कि देश की मुख्यधारा की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के ऑनलाइन फॉलोअर्स से भी कहीं ज्यादा हैं.
नाम के पीछे की कहानी: इस आंदोलन का नाम "कॉकरोच जनता पार्टी" सीधे तौर पर 15 मई को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत द्वारा की गई एक विवादित टिप्पणी पर तंज है. एक सुनवाई के दौरान CJI ने कुछ बेरोजगार कार्यकर्ताओं की तुलना "कॉकरोच" और "समाज के परजीवियों" से कर दी थी, जो सोशल मीडिया या पत्रकारिता के जरिए दूसरों पर कीचड़ उछालते हैं.
अपमान को बनाया हथियार: हालांकि CJI ने बाद में सफाई दी कि उनकी टिप्पणी सिर्फ फर्जी डिग्री रखने वालों के खिलाफ थी, लेकिन इस बयान ने देश के बेरोजगार युवाओं की दुखती रग पर हाथ रख दिया. बोस्टन यूनिवर्सिटी से पासआउट और अमेरिका में रह रहे पॉलिटिकल कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजिस्ट अभिजीत दिपके ने इस अपमान को ही हथियार बना लिया और गूगल फॉर्म के जरिए मज़ाक में "Voice of the Lazy & Unemployed" (आलसी और बेरोजगारों की आवाज) टैगलाइन के साथ इस पार्टी की नींव रख दी.
इस आंदोलन को सोनम वांगचुक, अन्ना हजारे, फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप सहित तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) के नेताओं का भी समर्थन मिला है. CJP के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर इनका आधिकारिक 'X' अकाउंट भी सस्पेंड करा दिया गया था, लेकिन युवाओं का यह सैलाब अब सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी सियासत को हिलाने आ रहा है.
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