
दिल्ली विधानसभा स्पीकर को मिली Z सुरक्षा, मिल रही थीं धमकी भरी ईमेल
लगातार मिलीं बम की धमकियां और सुरक्षा में सेंध के बाद बड़ा फैसला। अब CRPF और दिल्ली पुलिस के घेरे में रहेंगे स्पीकर। विधानसभा परिसर बना अभेद्य किला।
Z Security To Delhi Vidhansabha Speaker: दिल्ली विधानसभा में एक के बाद एक मिली धमकी भरी ईमेल और हाल ही में हुई गंभीर सुरक्षा चूक को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इन घटनाओं के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा बढ़ाकर अब Z-श्रेणी की कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है। विधानसभा सचिवालय के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में कई संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुए हैं। इन संदेशों में बम धमाके करने की सीधी धमकी दी गई थी।
बजट सत्र के दौरान मिली धमकियां
बीते 23 मार्च को बजट सत्र शुरू होने के बाद से अब तक करीब सात बार धमकी भरे ईमेल मिले हैं। ये सभी मेल सीधे सचिवालय और स्पीकर कार्यालय को भेजे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन धमकियों को बेहद संवेदनशील माना है। अब एक विशेष सुरक्षा टीम चौबीसों घंटे स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की सुरक्षा में तैनात रहेगी। उनके सुरक्षा घेरे में अब एक समर्पित एस्कॉर्ट वाहन भी शामिल किया गया है।
परिसर में हुई गंभीर सुरक्षा चूक
बता दें कि हाल ही में विधानसभा परिसर में सुरक्षा में बड़ी सेंधमारी हुई थी। एक व्यक्ति ने अपना वाहन जबरन गेट से टकराकर परिसर के भीतर घुसा दिया था। उस व्यक्ति ने बेखौफ होकर स्पीकर कार्यालय के बाहर बुके और माला रखी और फरार हो गया। इस घटना ने सुरक्षा तंत्र की भारी विफलता को उजागर किया था। इसके तुरंत बाद ही पूरे विधानसभा परिसर को सुरक्षा के लिहाज से फोर्टिफाई करने का काम शुरू हुआ।
कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू
विजेंद्र गुप्ता ने निर्देश दिया है कि सुरक्षा में कोई भी ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने विधानसभा के सभी द्वारों पर हाइड्रोलिक रोड ब्लॉकर्स लगाने के आदेश दिए हैं। अब प्रत्येक प्रवेश द्वार पर CRPF और दिल्ली पुलिस के जवान संयुक्त रूप से तैनात रहेंगे। किसी भी वाहन को बिना व्यापक जांच के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विधानसभा की सुरक्षा के लिए अब एक एकीकृत कमांड स्ट्रक्चर काम करेगा।
अभेद किले में तब्दील विधानसभा
परिसर के भीतर निगरानी के लिए एक मोबाइल पेट्रोल वाहन भी तैनात किया गया है। यह वाहन किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लेने में सक्षम है। पूरे सुरक्षा ग्रिड को अब कई स्तरों पर मजबूत बनाया गया है। प्रवेश और निकास के लिए नए और सख्त प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। दिल्ली पुलिस अब हर संदिग्ध गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रही है। इन उपायों का उद्देश्य सदस्यों और कर्मचारियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल देना है। भविष्य में ऐसी घुसपैठ दोबारा न हो इसके लिए तकनीक और फोर्स दोनों का विस्तार किया गया है।
Next Story

