रेखा गुप्ता की लक्ज़री कुर्सी पर छिड़ा सियासी घमासान !
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रेखा गुप्ता की 'लक्ज़री कुर्सी' पर छिड़ा सियासी घमासान !

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कुर्सी को लेकर सोशल मीडिया पर छिड़ा नया विवाद, आम आदमी पार्टी ने शीशमहल के जवाब में बनाया बड़ा मुद्दा


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CM Rekha Gupta's Luxurious Chair: दिल्ली की सियासत में 'कुर्सी' को लेकर एक नया विवाद शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में वह एक बेहद आधुनिक और लक्ज़री ऑफिस चेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ उठा लिया है। 'आप' इसे भाजपा द्वारा पहले लगाए गए 'शीशमहल' के आरोपों के जवाब के रूप में देख रही है। सोशल मीडिया दावों के मुताबिक इस कुर्सी की कीमत लाखों रुपए है। इस चेयर में मसाज करने की सुविधा, आराम करने के लिए ऑटोमैटिक फुटरेस्ट जैसी वीआईपी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें पीछे की तरफ झुकने वाला रिक्लाइनर और जीरो ग्रेविटी मोड जैसे आधुनिक फीचर्स भी दिए गए हैं। इसके अलावा कुर्सी में मुलायम हाई-डेंसिटी कुशन और प्रीमियम असली लेदर फिनिश दी गई है।



कांग्रेस ने भी उठाया मुद्दा

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने x पर पोस्ट करते हुए लिखा ''जब जनता महंगे दूध, राशन और पेट्रोल-डीजल के दामों से त्रस्त है, तब भाजपा की मुख्यमंत्री सचिवालय में ₹1.10 लाख की 'रिमोट वाली मसाज कुर्सी' पर बैठकर शासन कर रही हैं''।


चुनाव से पहले महिलाओं और गरीबों से किए गए बड़े-बड़े वादे अब इस लग्जरी कुर्सी के नीचे दब चुके हैं।

जनता को 'खर्च कम करने' का ज्ञान देने वाले, खुद जनता की गाढ़ी कमाई पर 'जीरो ग्रेविटी' का आनंद ले रहे हैं।

लंबे समय के काम के लिए डिजाइन

इस तरह की चेयर मुख्य रूप से लंबे समय तक बैठकर काम करने के उद्देश्य से डिजाइन की जाती हैं। तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

जनता ने उठाए सादगी पर सवाल

वायरल पोस्ट पर यूजर्स की भारी आलोचना भी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर एक सरकारी दफ्तर में इतनी महंगी और आलीशान कुर्सी की क्या जरूरत है।

मेट्रो सफर की याद दिलाई

यूजर्स ने कहा कि सरकार को फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। लोगों ने रेखा गुप्ता की उन पुरानी तस्वीरों का भी जिक्र किया, जिनमें वह दिल्ली मेट्रो में आम जनता की तरह सफर करती नजर आई थीं।

सादगी के दावों पर घेरा

लोगों का कहना था कि एक तरफ सादगी की बात की जाती है और दूसरी तरफ इतनी महंगी कुर्सी इस्तेमाल हो रही है। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री के दावों पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं।

समर्थन में भी आए कई लोग

दूसरी तरफ कुछ लोग मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पक्ष में भी खड़े नजर आए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री जैसे बड़े और जिम्मेदारी वाले पद पर बैठे व्यक्ति को घंटों दफ्तर में काम करना पड़ता है।

आरामदायक चेयर की वकालत

ऐसे में सेहत को ठीक रखने के लिए आरामदायक चेयर का उपयोग करना कुछ भी गलत नहीं है। अगर इसे सरकारी नियमों के तहत खरीदा गया है तो इसे बेवजह बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहिए।

हर फैसले पर टिकी है नजर

दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही रेखा गुप्ता लगातार राष्ट्रीय चर्चा में बनी हुई हैं। दरअसल भाजपा ने पूरे 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में अपनी ऐतिहासिक वापसी की है।

बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा

यही वजह है कि उनकी हर गतिविधि पर लोगों की नजर रहती है। अब यह लक्ज़री कुर्सी वाला मामला भी सोशल मीडिया से बाहर निकलकर एक बड़े राजनीतिक घमासान का हिस्सा बन चुका है।

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