सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, अब नए टाइम टेबल से चलेगी राजधानी दिल्ली
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सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, अब नए 'टाइम टेबल' से चलेगी राजधानी दिल्ली

खाड़ी युद्ध से तेल संकट: दिल्ली में 'नो कार डे' की घोषणा, दफ्तरों के समय में बदलाव और वर्क फ्रॉम होम लागू; ईंधन बचाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने उठाए कड़े कदम।


No Car Day In Delhi: पश्चिम एशिया में जारी खाड़ी युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल का संकट गहरा गया है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडराते खतरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के लिए कई कड़े फैसलों का ऐलान किया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युद्ध के कारण पैदा हुई तेल की किल्लत से निपटने के लिए दिल्ली को अब एक नए अनुशासन के साथ चलना होगा।


1. दफ्तरों के समय में बदलाव (ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति)

सड़कों पर लगने वाले जाम में बर्बाद होने वाले पेट्रोल को बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों का समय बदल दिया गया है:

दिल्ली सरकार के दफ्तर: अब सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक खुलेंगे।

MCD ऑफिस: सुबह 8:30 बजे से ही काम शुरू हो जाएगा।

मकसद: ऑफिस टाइमिंग अलग-अलग होने से सड़कों पर एक साथ भीड़ नहीं होगी, जिससे जाम कम लगेगा और ईंधन बचेगा।

2. 'नो कार डे' और 'मेट्रो डे' की शुरुआत

ईंधन बचाने को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए सरकार ने दो बड़े कदम उठाए हैं:

नो कार डे: सप्ताह में एक दिन निजी कारों के सड़क पर निकलने पर पाबंदी रहेगी। जनता से अपील की गयी है, वो इसमें सहयोग करें और सप्ताह में कोई एक दिन अपनी कार इस्तेमाल न करें।

मेट्रो डे: लोगों को निजी गाड़ियाँ छोड़कर मेट्रो का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

3. वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन कामकाज

सरकारी कामकाज के तरीकों में भी बड़ा बदलाव किया गया है:

2 दिन वर्क फ्रॉम होम: सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में 2 दिन घर से काम करना अनिवार्य होगा।

ऑनलाइन मीटिंग: 50% प्रशासनिक बैठकें अब केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी। मंत्रियों और अधिकारियों की सभी गैर-जरूरी यात्राएं रद्द कर दी गई हैं।


यूनिवर्सिटी और कोर्ट से अपील: मुख्यमंत्री ने कॉलेजों और यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने और अदालतों से ऑनलाइन सुनवाई (e-hearing) करने की अपील की है।


4. कर्मचारियों के लिए 58 स्पेशल बसें

निजी कारों का इस्तेमाल कम करने के लिए सरकार ने दिल्ली की 29 सरकारी कॉलोनियों से 58 स्पेशल बसें चलाने का फैसला किया है। ये बसें फीडर बस का काम करेंगी यानी कालोनी से नजदीकी मेट्रो स्टेशन तक लाने ले जाने के लिए।

साथ ही, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने वाले कर्मचारियों का ट्रांसपोर्ट अलाउंस 10% बढ़ा दिया जाएगा।


5. जनता के लिए विशेष अपील

संकट की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से कुछ कड़े सहयोग मांगे हैं:

अगले एक साल तक कोई विदेश यात्रा न करें।

ऐसे बड़े कार्यक्रमों या इवेंट्स का आयोजन न करें जहाँ बहुत ज्यादा भीड़ जुटती हो या अधिक ट्रांसपोर्टेशन की जरूरत पड़े।

दिल्ली सरकार अब खुद अगले 6 महीनों तक पेट्रोल/डीजल के कोई नए वाहन नहीं खरीदेगी।


मुख्यमंत्री का संदेश:

"खाड़ी युद्ध ने हमारे सामने बड़ी चुनौती पेश की है। देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा को सुरक्षित रखने के लिए हमें ये कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं। दिल्ली की जनता इस लड़ाई में सरकार का साथ दे।"

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